उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जीआरपी, आरपीएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान टीम ने 148 जीवित कछुए बरामद किए हैं। इस मामले में नाबालिग समेत दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया।
जानकारी के अनुसार, संयुक्त टीम रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध लोगों की जांच कर रही थी। इसी दौरान दो युवक भारी बैग के साथ संदिग्ध हालत में दिखाई दिए। जब टीम ने बैग की तलाशी ली तो उसमें 148 जीवित कछुए पाए गए।
पूछताछ में पता चला कि आरोपी इन कछुओं को सुल्तानपुर से पश्चिम बंगाल ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुल्तानपुर जिले के हनुमानगंज थाना क्षेत्र के महेशुआ गांव निवासी उमेश और उसी गांव के एक 15 वर्षीय किशोर के रूप में हुई है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बरामद कछुए संरक्षित प्रजाति के हैं और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी भारी मांग रहती है। इनकी अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई जा रही है।
कार्रवाई के बाद सभी कछुओं को सुरक्षित रूप से वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया है। उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है और बाद में उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।
वन विभाग के प्रभागीय निदेशक गंगादत्त मिश्र ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस और वन विभाग पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच कर रहे हैं ताकि इसमें शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।
