पश्चिम एशिया में बने तनावपूर्ण हालात के बीच केंद्र सरकार ने देशभर में घरों, अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है। सरकार ने रसोई गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए तेल शोधन संयंत्रों में घरेलू उपयोग की गैस का उत्पादन 30 प्रतिशत से अधिक बढ़ा दिया है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने नई दिल्ली में आयोजित अंतर-मंत्रालयी जानकारी बैठक में बताया कि राज्यों को प्राथमिकता के आधार पर उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए व्यावसायिक उपयोग वाले गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि घरेलू पाइप गैस और वाहनों के लिए संपीड़ित गैस की आपूर्ति बिना किसी कटौती के जारी है।
उन्होंने बताया कि सभी ईंधन विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे वितरण के दौरान निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करें। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित आपूर्ति के अतिरिक्त 48 हजार किलोलीटर मिट्टी के तेल का अतिरिक्त आवंटन भी किया है। राज्यों से कहा गया है कि वे जिला स्तर पर ऐसे स्थान चिन्हित करें जहां से इस ईंधन का सुचारु वितरण किया जा सके।
रसोई गैस पर दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक ईंधन व्यवस्था भी सक्रिय की गई है। कोयला मंत्रालय ने Coal India और Singareni Collieries Company Limited को निर्देश दिया है कि छोटे, मध्यम और अन्य उपभोक्ताओं के लिए राज्यों को अधिक मात्रा में कोयला उपलब्ध कराया जाए।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण मंडलों को एक महीने के लिए अतिथि सत्कार और भोजनालयों में मिट्टी का तेल और कोयले के वैकल्पिक उपयोग की अनुमति देने संबंधी सलाह जारी की है।
इस बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गुरुवार को Masoud Pezeshkian से दूरभाष पर बातचीत की और क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों, विशेषकर ईरान में रह रहे लोगों की सुरक्षा और कुशलक्षेम को भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी अंतर-मंत्रालयी बैठक में भारत की स्पष्ट नीति दोहराते हुए कहा कि सभी मुद्दों का समाधान संवाद और कूटनीतिक माध्यमों से ही होना चाहिए।
