केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता रामनाथ ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार द्वारा लागू किए गए “जी.रामजी कानून” को मजदूरों और युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी पहल बताया है। उन्होंने कहा कि इस कानून के माध्यम से लोगों को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे श्रमिकों और युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा।
समस्तीपुर परिसदन में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि जी.रामजी कानून में डिजिटल तकनीक का प्रभावी उपयोग किया गया है। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और कामकाज की पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनेगी। उन्होंने कहा कि यह कानून ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का विरोध करना ही अब विपक्ष की राजनीति का मुख्य आधार बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष बिना तथ्यों को समझे और जाने सरकार की नीतियों की आलोचना करता रहता है, जबकि योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंच रहा है।
रामनाथ ठाकुर ने बताया कि जी.रामजी कानून के तहत काम के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। इस योजना के लिए लगभग 1,51,281.05 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण रोजगार को नई मजबूती मिलेगी और देश की अर्थव्यवस्था को भी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि जी.रामजी कानून आने वाले समय में ग्रामीण भारत की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और मजदूरों, किसानों तथा युवाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा।
