केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल में साधु-संतों और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं पर कथित लाठीचार्ज को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में बंगाल में हिंदुओं पर उसी तरह के बर्बर अत्याचार हो रहे हैं, जैसे बांग्लादेश में यूनुस सरकार के दौर में देखने को मिले थे।
पत्रकारों से बातचीत में गिरिराज सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में साधु-संतों और विहिप कार्यकर्ताओं पर न केवल लाठीचार्ज किया गया, बल्कि वॉटर कैनन का भी इस्तेमाल किया गया, जो अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो यह भारत नहीं बल्कि बांग्लादेश हो, जहां हिंदुओं पर अत्याचार किए जा रहे हों।
उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचार और हत्याओं के विरोध में किए जा रहे शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन को ममता सरकार ने बलपूर्वक कुचलने का काम किया है। गिरिराज सिंह ने कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला हनन है।
केंद्रीय मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीति मुस्लिम वोट बैंक को साधने पर केंद्रित है और इसी वजह से वे बांग्लादेश से जुड़े मुद्दों पर भी एकतरफा रुख अपनाए हुए हैं।
इस दौरान गिरिराज सिंह ने रॉबर्ट वाड्रा द्वारा प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री पद का संभावित उम्मीदवार बताए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी या प्रियंका गांधी में से कौन नेतृत्व करेगा, यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है, लेकिन इससे पार्टी के भीतर चल रहे पारिवारिक सत्ता संघर्ष की तस्वीर साफ झलकती है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक ओर राहुल गांधी विदेश जाकर भारत और उसके संवैधानिक संस्थानों की आलोचना करते हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के अंदर नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान पर चुप्पी साधे हुए हैं। गिरिराज सिंह ने कहा कि कांग्रेस के भीतर दो स्पष्ट खेमे बन चुके हैं और यही कारण है कि राहुल गांधी इस मुद्दे पर खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी देश के मुद्दों पर तो मुखर रहते हैं, लेकिन अपने ही घर के सवालों पर उनकी जुबान खामोश हो जाती है।
