मध्य-पूर्व संघर्ष पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संबोधन के बाद गुरुवार को सर्राफा बाजार में बड़ी हलचल देखी गई और सोने-चांदी की कीमतों में 5.6 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। ट्रंप द्वारा विवाद के जल्द समाधान का कोई स्पष्ट संकेत न दिए जाने से उन निवेशकों को निराशा हुई जो तत्काल संघर्ष-विराम की उम्मीद कर रहे थे। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 5 जून के सोने के वायदा भाव में 2.31 प्रतिशत या 3,563 रुपये की कमी आई और यह सुबह 10:30 बजे तक 1,50,145 रुपये के निचले स्तर पर पहुँच गया। दिन के ऊपरी स्तर पर भी पीली धातु 0.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,52,490 रुपये पर कारोबार कर रही थी। चांदी की स्थिति और भी खराब रही जहां 5 मई के वायदा भाव में 5.59 प्रतिशत या 13,613 रुपये की गिरावट आई और यह MCX पर 2,29,888 रुपये के स्तर तक गिर गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बिकवाली का दबाव साफ दिखा जहां हाजिर सोना 2.26 प्रतिशत गिरकर 4,650.30 डॉलर और हाजिर चांदी 4.7 प्रतिशत लुढ़ककर 71.50 डॉलर पर आ गई। COMEX पर भी सोने और चांदी में क्रमशः 2.73 प्रतिशत और 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। दरअसल बाजार में यह अस्थिरता ट्रंप के उस विरोधाभासी बयान के बाद आई जिसमें उन्होंने एक तरफ संघर्ष के अंत के करीब होने की बात कही, तो दूसरी तरफ ईरान पर दो से तीन हफ्तों के भीतर “बेहद जोरदार” हमले की चेतावनी भी दे डाली। उन्होंने सैन्य अभियान के लक्ष्यों के करीब होने का दावा करते हुए सहयोगी देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य की संभावित बंदी से निपटने में मदद का आग्रह किया, जिससे सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं की चमक फीकी पड़ गई।
