बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली और दोनों धातुएं रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। मजबूत खरीदारी, कमजोर अमेरिकी डॉलर और बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण निवेशकों में सेफ-हेवन एसेट्स की मांग तेजी से बढ़ी है, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ा।
MCX पर सोने का फरवरी वायदा सुबह करीब 11:30 बजे 2.97 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10 ग्राम के लिए 1,62,387 रुपये पर कारोबार करता दिखा। वहीं, MCX चांदी का मार्च वायदा 6.21 प्रतिशत उछलकर 1 किलोग्राम के लिए 3,78,401 रुपये तक पहुंच गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोना और चांदी नई ऊंचाइयों पर पहुंच गए। वैश्विक स्तर पर पॉलिसी को लेकर अनिश्चितता, नए टैरिफ से जुड़े खतरे और अमेरिकी प्रशासन द्वारा फेडरल रिजर्व की आलोचना के चलते निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। इसका फायदा सोने और चांदी को मिला है।
अमेरिकी बाजार में अप्रैल डिलीवरी वाले सोने के वायदा कॉन्ट्रैक्ट अमेरिकी डॉलर में तेज गिरावट के कारण 5,200 डॉलर प्रति औंस के स्तर से ऊपर निकल गए। मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वीपी कमोडिटीज राहुल कलांत्री के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा डॉलर की मजबूती को लेकर चिंता कम करने के संकेतों के बाद डॉलर चार साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी और स्थिर ETF निवेश प्रवाह के कारण इस साल अब तक सोने की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत की तेजी आ चुकी है, जबकि चांदी में इससे भी अधिक उछाल देखा गया है।
लगातार बनी सेफ-हेवन मांग, सेंट्रल बैंक का स्थिर संचय और वैश्विक मौद्रिक परिस्थितियों में नरमी की उम्मीदें कीमतों को मजबूत समर्थन दे रही हैं। विश्लेषकों के मुताबिक, चांदी हाल ही में 115.42 डॉलर के स्तर तक पहुंचने के बाद हल्की प्रॉफिट-बुकिंग के बीच 106.55 से 113 डॉलर की रेंज में स्थिर हो रही है।
सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, AI और डेटा सेंटर्स के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से मजबूत मांग भी चांदी की कीमतों को सहारा दे रही है। MCX चांदी ने एक मजबूत ब्रेकआउट के बाद हाई-बीटा आउटपरफॉर्मेंस दिखाई है और छोटे करेक्शन को आसानी से झेल रही है।
हालांकि निकट भविष्य में तेज उछाल के बाद प्रॉफिट-बुकिंग और स्थिरीकरण का दौर देखने को मिल सकता है, लेकिन जब तक डॉलर दबाव में बना रहता है, तब तक सोना और चांदी दोनों का समग्र रुझान सकारात्मक रहने की उम्मीद है।
दो दिवसीय फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की बैठक में ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रखने की संभावना है, लेकिन ट्रेडर्स को साल के अंत तक कम से कम दो बार दरों में कटौती की उम्मीद है। तकनीकी तौर पर सोने को 1,55,050 से 1,53,310 रुपये के दायरे में मजबूत सपोर्ट मिल रहा है, जबकि 1,59,850 और 1,61,950 रुपये पर रेजिस्टेंस देखा जा रहा है। वहीं चांदी के लिए 3,44,810 और 3,37,170 रुपये सपोर्ट लेवल हैं, जबकि 3,61,810 और 3,65,470 रुपये रेजिस्टेंस के तौर पर अहम माने जा रहे हैं।
