अमेरिकी डॉलर में लगातार कमजोरी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की बढ़ती उम्मीदों के बीच मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गईं। शुरुआती कारोबार में सोना 2.4 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,59,820 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि, बाद में मुनाफावसूली के कारण कीमतों में हल्की नरमी देखने को मिली।
चांदी ने भी सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। यह 3,59,800 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गई, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है। खबर लिखे जाने तक सुबह करीब 10.47 बजे एमसीएक्स पर फरवरी कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 1.45 प्रतिशत यानी 2,270 रुपये की तेजी के साथ 1,58,307 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं मार्च कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी 4.84 प्रतिशत या 16,197 रुपये की उछाल के साथ 3,50,896 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोना और चांदी अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोना-चांदी की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। अमेरिका में संभावित सरकारी शटडाउन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नए टैरिफ की धमकियों ने बाजार की अनिश्चितता और बढ़ा दी है। ट्रंप ने दक्षिण कोरिया से कारों, लकड़ी और दवाइयों के आयात पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कही है। इसके अलावा, उन्होंने कनाडा को चेतावनी दी है कि यदि वह चीन से कोई समझौता करता है तो उस पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा।
अमेरिकी बाजार में अप्रैल डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव करीब एक प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,113.70 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर पहुंच गए। इस दौरान डॉलर इंडेक्स में 0.1 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए सोना और अधिक आकर्षक हो गया। सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार खरीद और वैश्विक स्तर पर नरम मौद्रिक नीतियों की उम्मीदों ने कीमती धातुओं की कीमतों को मजबूत सहारा दिया है।
कॉमेक्स बाजार में चांदी 99 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर चुकी है और लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। इसी बीच, इस सप्ताह अमेरिका में फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की दो दिवसीय बैठक होने जा रही है। बाजार को उम्मीद है कि फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन साल के अंत तक कम से कम दो बार दरों में कटौती की संभावना जताई जा रही है।
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के कमोडिटी विशेषज्ञ राहुल कलंत्री के अनुसार, फिलहाल बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों पर टिकी हुई है। राजनीतिक दबाव और वैश्विक अनिश्चितताओं ने सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं में निवेश को और मजबूत किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोने को 1,57,050 से 1,55,310 रुपये के बीच सपोर्ट मिल सकता है, जबकि ऊपर की ओर 1,59,850 और 1,62,950 रुपये के स्तर पर रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।
चांदी के लिए 3,38,810 और 3,22,170 रुपये को प्रमुख सपोर्ट स्तर माना जा रहा है, जबकि 3,55,810 और 3,62,470 रुपये के स्तर पर रेजिस्टेंस है। कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि आने वाले सत्रों में सोना 1,65,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 3,65,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक भी पहुंच सकती है। हालांकि, हालिया तेज उछाल के बाद ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली के कारण चांदी में थोड़ी स्थिरता या हल्की गिरावट भी देखी जा सकती है।
