हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘विकसित भारत, विकसित हरियाणा’ के विज़न के साथ विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का राज्य बजट पेश किया। सरकार ने इस बजट को प्रदेश के समग्र विकास, सुशासन और जनकल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। बजट प्रस्तुति के दौरान मुख्यमंत्री ने विधानसभा में 12 महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित कराए, जिन्हें राज्य के विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बजट में कृषि और संबंधित क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई है। किसानों की आय बढ़ाने और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई योजनाओं की घोषणा की गई। एग्री डिस्कॉम योजना के तहत किसानों को समर्पित बिजली कनेक्शन और बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य के 5084 कृषि फीडरों से करीब 7.12 लाख कृषि उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा।
मानव विकास को केंद्र में रखते हुए शिक्षा, कौशल विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, खेल और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इन क्षेत्रों में निवेश से युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे और भविष्य की मजबूत नींव तैयार होगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में अस्पतालों के उन्नयन, नए स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना, आयुष सेवाओं के विस्तार और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने की घोषणा की गई है, जिससे नागरिकों को सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
उद्योग और श्रम क्षेत्र को गति देने के लिए निवेश बढ़ाने, एमएसएमई को प्रोत्साहन, महिला श्रमिक सशक्तिकरण और डिजिटल सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है। वहीं युवाओं के लिए स्किल लैब, स्टार्टअप क्लस्टर और छात्रावास जैसी पहलें आत्मनिर्भर हरियाणा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत नई सड़कों, बाइपास, आरओबी-आरयूबी और विश्राम गृहों के निर्माण की योजना बनाई गई है, जिससे प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। ऊर्जा क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ सौर और अन्य स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया गया है, ताकि हरियाणा ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ सके।
ग्रामीण विकास के लिए रोजगार सृजन, पंचायतों को सशक्त संसाधन, महिलाओं की आत्मनिर्भरता और गांवों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही विरासत संरक्षण, पर्यटन विकास और हरित हरियाणा के संकल्प को भी बजट में शामिल किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गृह विभाग में तकनीकी उन्नयन और कल्याण योजनाओं का विस्तार किया जाएगा। राजस्व प्रणाली को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे। समाज कल्याण, खाद्य एवं आपूर्ति, कराधान और आवास योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर, प्लॉट और आर्थिक सहायता प्रदान करने की योजना है।
महिला एवं बाल विकास, सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण, कला एवं संस्कृति, सूचना एवं जनसंपर्क और डिजिटल शासन को भी बजट में विशेष स्थान दिया गया है। सरकार ने साइबर सुरक्षा और नागरिक सेवाओं के डिजिटलीकरण पर जोर देते हुए प्रशासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने का लक्ष्य रखा है।
इसके अलावा ग्राम सभाओं को मजबूत करने और पैक्स समितियों को लाभ में लाने के लिए करीब 4,000 करोड़ रुपये के कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकार का दावा है कि यह बजट अन्नदाता, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाते हुए हरियाणा को विकास की नई दिशा देगा।
