हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में धान भंडारण से जुड़ी अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई की जानकारी दी है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बताया कि जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए राज्य के सभी जिलों में संयुक्त कमेटियों का गठन कर भंडारित धान की फिजिकल जांच करवाई गई।
इस व्यापक जांच अभियान के दौरान सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने कुल 12 एफआईआर दर्ज करवाई हैं। साथ ही 75 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। जांच प्रक्रिया के तहत अब तक 28 अधिकारी और कर्मचारियों को निलंबित भी किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीति “जीरो टॉलरेंस” की है और सार्वजनिक वितरण एवं भंडारण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सरकार का मानना है कि इस कार्रवाई से प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ेगी और किसानों से खरीदे गए धान के सुरक्षित भंडारण को सुनिश्चित किया जा सकेगा। साथ ही भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
