जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में हुई मुठभेड़ में उत्तराखंड के कपकोट क्षेत्र स्थित वीथी-गैनाड़ गांव के निवासी हवलदार गजेंद्र गढ़िया देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। उनके बलिदान की सूचना मिलते ही पैतृक गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। शहीद का पार्थिव शरीर आज उनके गांव पहुंचेगा, जहां उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।
42 वर्षीय हवलदार गजेंद्र गढ़िया, भवान सिंह के पुत्र थे और सेना की टू पैरा कमांडो यूनिट में तैनात थे। शहीद के छोटे भाई किशन गढ़िया ने बताया कि उनकी पत्नी लीला गढ़िया अपने दोनों पुत्रों राहुल और धीरज के साथ देहरादून से हेलीकॉप्टर द्वारा कपकोट पहुंच चुकी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद गजेंद्र गढ़िया के बलिदान पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

वहीं, एक अन्य घटना में अरुणाचल प्रदेश में देश सेवा के दौरान रुद्रप्रयाग जिले के निवासी और 15 गढ़वाल राइफल्स में तैनात हवलदार रविंद्र सिंह भी शहीद हो गए। मुख्यमंत्री धामी ने उनकी शहादत को नमन करते हुए परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है।
