भारत ने विश्व क्रिकेट में अपनी ताकत और पीछा करने की क्षमता का लोहा मनवाते हुए इतिहास रच दिया है। रविवार को वडोदरा में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पहले वनडे में टीम इंडिया ने 301 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए चार विकेट से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत वनडे में 300 से अधिक रन के लक्ष्य को सफलतापूर्वक पीछा करने वाली पहली टीम बन गई, और यह उपलब्धि अब तक 20 बार हासिल की गई है।
इस मैच में शुभमन गिल और कप्तान विराट कोहली ने दूसरे विकेट के लिए 118 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। चोट से लौटे गिल ने 56 रन बनाए, जबकि कोहली ने 91 गेंदों में 93 रन की शानदार पारी खेली। उनके आठ चौके और एक छक्का टीम को जीत के करीब ले गए, हालांकि कोहली सौ रन बनाने से कुछ रन पीछे रह गए।
कोहली के आउट होने के बाद भारत 234/2 से 242/5 तक दबाव में आया, लेकिन काइल जेमिसन की गेंदबाजी के बावजूद टीम ने हार नहीं मानी। अंतिम ओवरों में हरिश्त राणा ने 29 रन बनाए, जबकि केएल राहुल ने 21 गेंदों में 29 नाबाद रन बनाकर टीम की जीत सुनिश्चित की। राहुल ने अंतिम ओवर में दो चौके और एक छक्का लगाकर टीम को छह गेंद शेष रहते लक्ष्य तक पहुँचाया।
इस जीत के साथ भारत अब वनडे में सबसे अधिक सफल 300+ रन की चेज़ वाली टीम बन गया है। इसके पीछे इंग्लैंड ने 15, ऑस्ट्रेलिया 14 और पाकिस्तान 12 बार यह उपलब्धि हासिल की है। न्यूज़ीलैंड और श्रीलंका ने 11-11 बार ऐसा किया है।
विराट कोहली को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, यह उनका वनडे में 45वां पुरस्कार है, जिससे वह सनथ जयासुरीया के 48 पुरस्कारों के करीब पहुँच गए। इस प्रदर्शन ने उनकी वनडे में स्थायी प्रभावशाली भूमिका को फिर से साबित किया।
न्यूज़ीलैंड की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 300/8 बनाए थे। डेवॉन कॉनवे (56), हेनरी निकोल्स (62) और डेरिल मिशेल (84) के अर्धशतक टीम की ओर से मुख्य योगदान रहे। भारत की तरफ से मोहम्मद सिराज, हरिश्त राणा और प्रदीप कृष्णा ने दो-दो विकेट हासिल किए।
इस जीत के साथ ही भारत ने तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त भी हासिल की और अपनी गहराई और दबाव में स्थिरता को साबित किया। दूसरा वनडे राजकोट में बुधवार को खेला जाएगा।
भारत की यह उपलब्धि विश्व क्रिकेट में उनकी पीछा करने की कला और मानसिक मजबूती का प्रमाण है, और भविष्य में टीम की और बड़ी सफलताओं की उम्मीद जगाती है।
