भारत और यूरोपीय संघ (EU) अगले सप्ताह नई दिल्ली में होने वाले भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के दौरान एक नई सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं। इस समझौते से दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक रिश्ते और मजबूत होंगे।
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कालास ने फ्रांस के स्ट्रासबर्ग में यूरोपीय संसद को संबोधित करते हुए इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह समझौता समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, साइबर रक्षा और समुद्री क्षेत्र जागरूकता जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करेगा, खासतौर पर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता पर ध्यान दिया जाएगा।
काजा कालास ने कहा कि यूरोप भारत के साथ एक सशक्त और नई रणनीतिक एजेंडा देने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ, भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है और भारत यूरोप की आर्थिक मजबूती और रणनीतिक स्थिरता के लिए अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि यह समझौता बढ़ती वैश्विक अस्थिरता से निपटने और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की रक्षा के लिए दोनों पक्षों की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनके अनुसार, मौजूदा अधिक खतरनाक वैश्विक माहौल में भारत और यूरोप के लिए एक-दूसरे के साथ और नजदीकी से काम करना फायदेमंद होगा।
काजा कालास ने यह भी कहा कि भारत और यूरोप खुले समुद्री मार्गों की रक्षा, समुद्री क्षेत्र जागरूकता को मजबूत करने और दबाव की राजनीति का विरोध कर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता का आधार बन सकते हैं।
सुरक्षा सहयोग के अलावा, भारत और यूरोपीय संघ गतिशीलता (मोबिलिटी) पर व्यापक सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर करने जा रहे हैं। इससे मौसमी कामगारों, छात्रों, शोधकर्ताओं और उच्च कौशल पेशेवरों की आवाजाही आसान होगी और अनुसंधान व नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
काजा कालास ने बताया कि यूरोपीय संघ लंबे समय से लंबित भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर भी बातचीत पूरी करना चाहता है। इससे बाजार खुलेंगे, व्यापारिक बाधाएं कम होंगी और स्वच्छ तकनीक, फार्मास्यूटिकल्स और सेमीकंडक्टर जैसे अहम क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखलाएं मजबूत होंगी।
यह साझेदारी अगले सप्ताह यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के भारत दौरे के दौरान औपचारिक रूप से संपन्न होगी। दोनों नेता गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वे 27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 16वें भारत-ईयू शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता भी करेंगे।
काजा कालास ने कहा कि भारत यात्रा की तैयारियां सुचारु रूप से चल रही हैं।
