देश की अर्थव्यवस्था ने वर्तमान वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में मजबूत गति दिखाई है। सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में 8.2 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो विनिर्माण, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रों के बेहतरीन प्रदर्शन के कारण संभव हुआ है।
दूसरी तिमाही की यह वृद्धि पहली तिमाही के 7.8 प्रतिशत से अधिक है। इसके साथ ही यह दर पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में दर्ज 5.6 प्रतिशत की तुलना में काफी बेहतर है, जो अर्थव्यवस्था की मजबूती और सुधार के संकेत देती है।
देश का नाममात्र GDP भी इस तिमाही में 8.7 प्रतिशत बढ़ा है, जो मूल्य स्तर में बदलाव को दर्शाता है। भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाला विनिर्माण क्षेत्र, जो कुल जीडीपी में 14 प्रतिशत का योगदान देता है, दूसरी तिमाही में 9.1 प्रतिशत की तेजी से बढ़ा है। यह पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में दर्ज मात्र 2.2 प्रतिशत वृद्धि की तुलना में कई गुना अधिक है।
यह आंकड़े बताते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेज़ी से सुधार के रास्ते पर है और विनिर्माण के मजबूत प्रदर्शन ने देश की कुल आर्थिक वृद्धि को गति देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
