प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत का स्वास्थ्य ढांचा काफी मजबूत हुआ है। उन्होंने यह बात आज “सबका साथ, सबका विकास – लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति” विषय पर आयोजित पोस्ट-बजट वेबिनार को संबोधित करते हुए कही।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना केवल चर्चा का विषय नहीं है, बल्कि यह बजट की मूल भावना और सरकार की प्रतिबद्धता का आधार है। उन्होंने कहा कि सरकार देश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर काम कर रही है और स्वास्थ्य क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश अब निवारक और समग्र स्वास्थ्य सेवा की दिशा में एक स्पष्ट दृष्टि के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि देश के अनेक जिलों में सैकड़ों नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं, जिससे न केवल स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी बल्कि चिकित्सा शिक्षा का विस्तार भी होगा। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी डॉक्टरों और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि Ayushman Bharat Yojana और Arogya Mandir जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार देश के गांवों तक किया जा रहा है। इन योजनाओं के जरिए लाखों लोगों को सस्ती और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत की प्राचीन स्वास्थ्य परंपराएं जैसे Yoga और Ayurveda आज पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत की यह पारंपरिक ज्ञान प्रणाली वैश्विक स्तर पर लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।
उन्होंने ‘केयर इकोनॉमी’ के बढ़ते महत्व पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया भर में केयर गिवर्स की मांग तेजी से बढ़ रही है और इससे भारत के युवाओं के लिए नए कौशल आधारित रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि लाखों युवा इस क्षेत्र में प्रशिक्षण लेकर देश और दुनिया में बेहतर रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा स्वास्थ्य तंत्र विकसित करना है जो आधुनिक, सुलभ और सभी के लिए किफायती हो। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार के प्रयासों से आने वाले समय में भारत का स्वास्थ्य क्षेत्र और अधिक मजबूत होगा तथा देश के हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
