रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री स्याफ्री स्यामसोएद्दीन ने आज नई दिल्ली में भारत-इंडोनेशिया रक्षा मंत्रियों की तीसरी वार्ता की सह-अध्यक्षता की। दोनों नेताओं ने अपनी दीर्घकालिक सामरिक साझेदारी को दोहराया और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई।
बैठक के दौरान दोनों देशों ने मुक्त, खुला, शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया, जो अंतरराष्ट्रीय कानून और संप्रभुता के सम्मान पर आधारित हो।
वार्ता में भारत और इंडोनेशिया ने इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन जैसे बहुपक्षीय ढांचों के माध्यम से सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके साथ ही समुद्री क्षेत्र जागरूकता, साइबर लचीलापन और संयुक्त परिचालन क्षमता को मजबूत करने के लिए व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया।
इंडोनेशिया ने भारत के उस प्रस्ताव की सराहना की, जिसमें संयुक्त रक्षा उद्योग सहयोग समिति (Joint Defence Industry Cooperation Committee) स्थापित करने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य तकनीकी हस्तांतरण, अनुसंधान एवं विकास, प्रमाणन सामंजस्य और सप्लाई चेन को मजबूत करना है।
दोनों देशों ने थल, वायु और नौसेना में संयुक्त अभ्यासों की प्रगति पर संतोष जताया, जिनमें Super Garuda Shield, Garuda Shakti, Samudra Shakti और MILAN जैसे अभ्यास शामिल हैं।
भारत और इंडोनेशिया ने समुद्री सुरक्षा पर संयुक्त प्रतिबद्धता दोहराई, विशेषकर हिंद महासागर क्षेत्र में समन्वय को मजबूत करने पर बल दिया। वार्ता में रक्षा चिकित्सा और फार्मास्यूटिकल्स के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिसमें संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी हस्तांतरण और प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं, ताकि सैन्य स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत किया जा सके।
दोनों देशों ने मानवीय सहायता, संघर्ष-उपरांत पुनर्निर्माण, और बहुपक्षीय शांति प्रयासों में सहयोग के अवसरों पर भी विचार किया। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने फिलिस्तीन में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति के समर्थन को भी पुनः पुष्टि की।
