भारत ने प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे अफ्रीकी देश मेडागास्कर की मदद के लिए मानवीय सहायता भेजी है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को जानकारी दी कि भारत ने मेडागास्कर को 12 टन मेडिकल सहायता और 18 टन आपदा राहत सामग्री भेजी है। यह सहायता इस वर्ष की शुरुआत में आए ट्रॉपिकल साइक्लोन ‘फिटिया’ और ‘गेज़ानी’ से हुई भारी तबाही के बाद राहत कार्यों को समर्थन देने के लिए भेजी गई है।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए कहा कि भारत मुश्किल समय में मेडागास्कर के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है। मंत्रालय ने कहा कि भारत दोनों देशों के बीच सहयोग और मानवीय सहायता की भावना को आगे बढ़ाते हुए प्रभावित समुदायों की मदद के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
MEA के अनुसार भारतीय वायुसेना का C-17 परिवहन विमान राहत सामग्री लेकर मेडागास्कर की राजधानी एंटानानारिवो पहुंचा। इस विमान के जरिए भेजी गई सहायता में 12 टन मेडिकल सामग्री और 18 टन आपदा राहत से जुड़ा जरूरी सामान शामिल है। इस राहत सामग्री का उद्देश्य चक्रवात से प्रभावित लोगों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराना और उनके जीवन को सामान्य बनाने में मदद करना है।
भेजी गई राहत सामग्री में जीवन रक्षक दवाइयां, सर्जिकल उपकरण, अस्थायी आश्रय के लिए टेंट, पानी संग्रहण टैंक, डिग्निटी किट और रेडी-टू-ईट भोजन शामिल हैं। इन आवश्यक सामग्रियों से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है।
मेडागास्कर को इस वर्ष की शुरुआत में ट्रॉपिकल साइक्लोन फिटिया के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ा था। यह तूफान 31 जनवरी 2026 को मेडागास्कर के उत्तर-पश्चिमी तट पर बोनी क्षेत्र के पास सोआला इलाके में कैटेगरी-3 के बराबर ताकत के साथ टकराया था। इस दौरान कई क्षेत्रों में भीषण बाढ़ आ गई थी और व्यापक स्तर पर तबाही हुई थी।
फिटिया तूफान 28 जनवरी को मोजाम्बिक चैनल के ऊपर बना था और पूर्व दिशा की ओर बढ़ते हुए तेजी से मजबूत हो गया था। यह तूफान 1 से 2 फरवरी के बीच हिंद महासागर में आगे बढ़ने से पहले पूरे द्वीप को पार कर गया था।
फिटिया के कुछ ही दिनों बाद फरवरी 2026 में ट्रॉपिकल साइक्लोन गेज़ानी ने भी मेडागास्कर को प्रभावित किया। इसे एक तीव्र ट्रॉपिकल साइक्लोन माना गया था। यह 2025-26 के दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर चक्रवात सीजन का तीसरा बड़ा तूफान था और उस समय मेडागास्कर को प्रभावित करने वाला सबसे शक्तिशाली तूफान बन गया था। इस चक्रवात के कारण दर्जनों लोगों की मौत हुई और देश के दूसरे सबसे बड़े शहर को भी गंभीर नुकसान पहुंचा।
इसी बीच विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत ने मोजाम्बिक में आई भीषण बाढ़ के बाद वहां भी राहत सहायता भेजी है। बाढ़ के कारण मोजाम्बिक के कई प्रांत प्रभावित हुए हैं और हजारों लोग संकट में हैं।
भारत ने मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) अभियान के तहत मोजाम्बिक को तुरंत खाद्य सहायता के रूप में 500 मीट्रिक टन चावल भेजा है। इसके अलावा 10 मीट्रिक टन आवश्यक राहत सामग्री भी भेजी गई है, जिसमें टेंट, स्वच्छता किट और पुनर्वास सहायता से जुड़ी वस्तुएं शामिल हैं। साथ ही भारतीय नौसेना के एक जहाज के जरिए तीन टन जरूरी दवाइयां भी भेजी गई हैं।
MEA ने बताया कि राहत प्रयासों के तहत 86 मीट्रिक टन जीवन रक्षक दवाइयां पहले ही समुद्री मार्ग से भेजी जा चुकी हैं। मंत्रालय ने कहा कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र और अफ्रीका में एक भरोसेमंद साझेदार और फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है और जरूरत पड़ने पर मानवीय, चिकित्सा और लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करता रहेगा।
