हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही क्योंकि मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आए उछाल ने निवेशकों के भरोसे को पूरी तरह झकझोर दिया। शुरुआती कारोबार के दौरान ही बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी गई, जिसके चलते सेंसेक्स 1,555 अंकों से अधिक की भारी गिरावट के साथ 72,977 के स्तर पर फिसल गया, जबकि निफ्टी भी करीब 480 अंक टूटकर 22,634 के पास पहुंच गया। बाजार के लगभग सभी सेक्टर दबाव में नजर आए, लेकिन मेटल, पीएसयू बैंक और ऑटो शेयरों में सबसे भीषण गिरावट दर्ज की गई। विशेष रूप से टाटा स्टील, हिंडाल्को, एचडीएफसी बैंक, जेएसडब्ल्यू स्टील और बजाज फाइनेंस जैसे दिग्गज शेयरों में निवेशकों ने भारी मुनाफावसूली की।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, जिससे वैश्विक अनिश्चितता का माहौल गहरा गया है। इस तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें तेजी से बढ़कर लगभग 113 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जो आने वाले समय में महंगाई बढ़ने का स्पष्ट संकेत दे रही हैं। दुनिया के प्रमुख तेल मार्गों में से एक, हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ती सैन्य गतिविधियों ने भी निवेशकों की चिंता को दोगुना कर दिया है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा की जा रही लगातार बिकवाली, जिसने पिछले सत्र में 5,500 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया था, बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना रही है। हालांकि घरेलू निवेशकों ने बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन वैश्विक संकेतों का असर इतना गहरा था कि एशियाई बाजारों में भी जापान से लेकर दक्षिण कोरिया तक 3 से 6 प्रतिशत तक की भारी गिरावट देखी गई।
