लगातार दूसरे सप्ताह बढ़त दर्ज करते हुए घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक बजट सप्ताह में करीब 1.5 प्रतिशत तक उछल गए। भारतीय बाजारों में यह तेजी अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की सकारात्मक घोषणा और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति के परिणामों से मिली मजबूती के कारण देखने को मिली।
साप्ताहिक कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 1,311 अंकों यानी लगभग 1.6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 83,580 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में 373 अंकों यानी करीब 1.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई और यह 25,694 के स्तर पर जाकर बंद हुआ। इससे निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बना रहा और बाजार में खरीदारी का रुख मजबूत दिखाई दिया।
ब्रॉडर मार्केट की बात करें तो बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 1.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1.2 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। यह संकेत देता है कि सिर्फ बड़ी कंपनियों के शेयर ही नहीं बल्कि मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
विदेशी मुद्रा बाजार में भी इस सप्ताह रुपये ने मजबूती दिखाई। रुपया पिछले तीन सप्ताह से जारी गिरावट के सिलसिले को तोड़ते हुए साप्ताहिक आधार पर 1 रुपये 33 पैसे मजबूत होकर 90.66 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ। रुपये में आई यह मजबूती विदेशी निवेश के रुख और वैश्विक बाजार संकेतों से प्रभावित रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेत, व्यापार समझौते और केंद्रीय बैंक की नीतियां आने वाले समय में भी भारतीय बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। यदि विदेशी निवेश प्रवाह और घरेलू आर्थिक संकेत मजबूत रहते हैं तो बाजार में आगे भी स्थिरता और सकारात्मक रुझान देखने को मिल सकता है।
