Iran, Israel और United States के बीच जारी संघर्ष ने पश्चिम एशिया में तेजी से गंभीर रूप ले लिया है। इस बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक बाजारों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है, जबकि कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने अपने रणनीतिक तेल भंडार से आपूर्ति बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि ऊर्जा बाजार में अस्थिरता को नियंत्रित किया जा सके।
ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यह संघर्ष लंबे समय तक चलने वाले क्षयकारी युद्ध में बदल सकता है, जिसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है। तेहरान का कहना है कि वह अब भी Strait of Hormuz पर नियंत्रण बनाए हुए है। यह समुद्री मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि बड़ी मात्रा में अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती है। ईरान ने अमेरिका और इजरायल से जुड़ी आर्थिक संरचनाओं को निशाना बनाने की भी चेतावनी दी है।
संघर्ष का प्रभाव अब युद्ध क्षेत्र से बाहर भी दिखाई देने लगा है। Dubai में एक शक्तिशाली विस्फोट से कई इमारतें हिल गईं। मध्य पूर्व के इस प्रमुख वित्तीय केंद्र के एक केंद्रीय इलाके में धुएं का बड़ा गुबार उठता देखा गया। विस्फोट के बाद Sheikh Zayed Road की दिशा से सायरनों की आवाजें सुनाई दीं, जिससे पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ गई।
उधर Saudi Arabia ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने उसके हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाले दर्जनों ड्रोन को सफलतापूर्वक रोक दिया। सऊदी अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई ऐसे समय हुई जब ईरान ने अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों के जवाब में तेल संपन्न खाड़ी देशों पर हमले तेज कर दिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, व्यापार मार्ग और वित्तीय बाजारों पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। तेल की कीमतों में लगातार तेजी से कई देशों में महंगाई का दबाव भी बढ़ सकता है।
