बुंदेलखंड की धरती अब केवल वीरता के लिए ही नहीं, बल्कि खेल जगत में नई पहचान बनाने वाले मार्गदर्शकों के लिए भी जानी जा रही है। जतारा विकासखंड के छोटे से गांव खारों के निवासी जीवन लाल राय पिछले आठ वर्षों से भारतीय दिव्यांग निशानेबाजी दल के मुख्य प्रशिक्षक के रूप में कार्य कर रहे हैं और अपने मार्गदर्शन से देश के अनेक खिलाड़ियों को नई दिशा दे रहे हैं।
उनके प्रशिक्षण में देश के दिव्यांग खिलाड़ियों ने अनेक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उनके मार्गदर्शन में भारतीय दल ने कई बड़े मंचों पर पदक जीतकर देश का नाम गौरवान्वित किया है। विशेष रूप से हाल के वर्षों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन में निरंतर सुधार देखने को मिला है, जिससे भारत की उपस्थिति वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है।
इस वर्ष फरवरी में विदेश दौरे से लौटने पर जिले में उनका विशेष स्वागत किया गया। स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों ने मिठाई खिलाकर उनकी उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की और सम्मान प्रकट किया। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने से क्षेत्र के युवाओं में भी उत्साह देखा जा रहा है।
जीवन लाल राय को हाल ही में सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षक के राष्ट्रीय सम्मान से भी अलंकृत किया गया है। यह सम्मान उनके लंबे समय से किए जा रहे समर्पित प्रयासों और खिलाड़ियों को निरंतर बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करने के कारण प्रदान किया गया।
उनकी सफलता ने यह सिद्ध किया है कि छोटे गांवों से निकलकर भी बड़े स्तर पर देश का नाम रोशन किया जा सकता है। उनके कार्य से बुंदेलखंड क्षेत्र के युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ी है और कई युवा अब खेल को अपने भविष्य के रूप में देखने लगे हैं।
