बिहार सरकार के कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान ने पूर्णिया जिले के जानकीनगर, बनमनखी स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय और छात्रावास की अत्यंत बदहाल स्थिति देखकर मंत्री भावुक हो गए और गहरा आक्रोश व्यक्त किया। अव्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने मौके पर मौजूद शिक्षकों और अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
मंत्री ने विद्यालय की साफ-सफाई, रसोई और छात्रों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि आखिर बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति किसने दी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को फटकारते हुए उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “क्या आप सब अंधे हैं? क्या आपको यह सब दिखाई नहीं देता?”
लखेंद्र पासवान ने हॉस्टल अधीक्षक की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए और इस मामले में सभी जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति को देखकर मंत्री ने भवन निर्माण विभाग पर भी नाराजगी जताई और कहा कि पिछले पांच वर्षों से भवन का कोई रखरखाव नहीं किया गया है। उन्होंने इस लापरवाही को लेकर विभाग को नोटिस जारी करने का आदेश दिया।
निरीक्षण के दौरान बच्चों को सड़े हुए आलू परोसे जाने के मामले को गंभीर अपराध बताते हुए मंत्री ने हॉस्टल अधीक्षक और जीविका से जुड़े संबंधित कर्मियों को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय में लगभग 400 गरीब बच्चे अध्ययनरत हैं, लेकिन उनकी बुनियादी जरूरतों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। करीब 300 बच्चों को मच्छरदानी तक उपलब्ध नहीं है, जबकि आरओ का पानी भी पीने योग्य नहीं पाया गया।
कल्याण मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
