लखीसराय जिले की नोनगढ़ पंचायत की मुखिया जूली देवी के लिए यह अत्यंत गौरव और सम्मान का क्षण है कि उन्हें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के राष्ट्रीय मंच पर आमंत्रित किया गया है। यह सम्मान पंचायत में उनके नेतृत्व में किए गए उल्लेखनीय विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदान किया गया है।
जूली देवी ने अपने सशक्त नेतृत्व से यह साबित कर दिया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और ईमानदार प्रयासों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक और सतत विकास संभव है। उनके नेतृत्व में नोनगढ़ पंचायत में केंद्र सरकार की लगभग सभी प्रमुख योजनाओं को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारा गया है। पंचायत में हर घर शौचालय, हर घर नल-जल योजना, स्वच्छता अभियान और बच्चों के लिए खेल मैदान जैसी सुविधाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं, जिससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में लगातार सुधार हो रहा है।
जूली देवी का जीवन संघर्षों और प्रेरणाओं से भरा रहा है। उन्होंने बताया कि आठवीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान मात्र 14 वर्ष की आयु में उनका विवाह हो गया था। ससुराल आने के बाद उन्हें कई सामाजिक और पारिवारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। घूंघट प्रथा और सामाजिक बंधनों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। पति के सहयोग से उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखी और दो विषयों में स्नातकोत्तर (पीजी) की परीक्षा उत्तीर्ण की।
वर्ष 2016 से जूली देवी लगातार पंचायत सेवा में सक्रिय हैं। उनके कार्यों से संतुष्ट होकर ग्रामीणों ने उन्हें लगातार दो बार पंचायत की मुखिया चुना। मुखिया बनने के बाद उन्होंने पंचायत और ग्रामीणों के हित को सर्वोपरि रखते हुए काम करना अपना मुख्य लक्ष्य बनाया। उनका कहना है कि वह केंद्र सरकार की योजनाओं को पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ लागू कर नोनगढ़ पंचायत को समृद्ध और खुशहाल बनाना चाहती हैं।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय मंच से मिला यह आमंत्रण न केवल मुखिया जूली देवी के लिए, बल्कि पूरे नोनगढ़ पंचायत और लखीसराय जिले के लिए गर्व और सम्मान की बात है।
