प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप में भारत के स्टार शटलर लक्ष्य सेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष एकल के फाइनल में जगह बना ली है। बर्मिंघम में आज शाम होने वाले खिताबी मुकाबले में लक्ष्य सेन के पास इतिहास रचने का बड़ा अवसर होगा और पूरे देश की उम्मीदें उन पर टिकी हुई हैं।
24 वर्षीय लक्ष्य सेन ने सेमीफाइनल में कनाडा के खिलाड़ी विक्टर लाई को रोमांचक मुकाबले में 21-16, 18-21, 21-15 से हराया। यह मुकाबला बेहद कठिन रहा और एक घंटे 37 मिनट तक चला। मैच के दौरान लक्ष्य सेन को पैरों में दर्दनाक छाले और तेज ऐंठन की समस्या का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने शानदार हिम्मत और दृढ़ संकल्प दिखाते हुए जीत हासिल की।
इससे पहले क्वार्टर फाइनल में भी लक्ष्य सेन ने दमदार प्रदर्शन करते हुए चीन के खिलाड़ी ली शीफेंग को 21-13, 21-16 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के कारण लक्ष्य सेन इस टूर्नामेंट में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद बनकर उभरे हैं।
अब फाइनल मुकाबले में लक्ष्य सेन का सामना चीनी ताइपे के लिन चुन यी से होगा। यह मैच आज शाम 5 बजे खेला जाएगा। अगर लक्ष्य सेन यह मुकाबला जीतने में सफल रहते हैं तो वे भारत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करेंगे।
दरअसल, भारत को इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब जीते हुए 25 साल हो चुके हैं। अब तक केवल दो भारतीय खिलाड़ी ही यह उपलब्धि हासिल कर पाए हैं। प्रकाश पादुकोण ने 1980 में यह खिताब जीता था, जबकि पुलेला गोपीचंद ने 2001 में ऑल इंग्लैंड चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था।
यह लक्ष्य सेन का दूसरा ऑल इंग्लैंड फाइनल होगा। इससे पहले वे 2022 में भी फाइनल में पहुंचे थे, लेकिन उस समय उन्हें उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा था। इस बार लक्ष्य सेन खिताब जीतकर इतिहास रचने के इरादे से कोर्ट पर उतरेंगे।
अब पूरी दुनिया की नजरें बर्मिंघम पर टिकी हैं, जहां भारत का यह युवा खिलाड़ी ऑल इंग्लैंड का प्रतिष्ठित ताज जीतकर भारतीय बैडमिंटन इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कराने की कोशिश करेगा।
