आर्य समाज के संस्थापक और महान समाज सुधारक महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती के अवसर पर देशभर में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई प्रमुख नेताओं ने उनके समाज और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को नमन किया। नेताओं ने कहा कि स्वामी दयानंद के विचार आज भी समाज को सही दिशा देने में मार्गदर्शक साबित हो रहे हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में स्वामी दयानंद सरस्वती को महान संत और समाज सुधारक बताया। उन्होंने लिखा कि स्वामी दयानंद ने भारतीय संस्कृति और अध्यात्म के तर्कसंगत स्वरूप को समाज तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अमूल्य दिशा प्रदान की, जिसका लाभ देश को लगातार मिलता रहा है और भविष्य में भी मिलता रहेगा।
राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने संदेश में यह भी कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा स्थापित आध्यात्मिक और शैक्षणिक संस्थानों ने देश के विकास में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि स्वामी दयानंद के बताए मार्ग पर चलकर भारत को वैश्विक स्तर पर अग्रणी राष्ट्र बनाने का संकल्प लेना चाहिए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी महर्षि दयानंद सरस्वती को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके विचारों और कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद ने स्वराज, स्वदेशी और स्वावलंबन जैसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों को आगे बढ़ाया। अमित शाह ने बताया कि आर्य समाज की स्थापना के माध्यम से स्वामी दयानंद ने समाज को कुरीतियों से मुक्त करने और विशेष रूप से महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि ‘सत्यार्थ प्रकाश’ के जरिए स्वामी दयानंद ने वैदिक ज्ञान और मूल्यों को आम लोगों तक पहुंचाने का ऐतिहासिक कार्य किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी स्वामी दयानंद सरस्वती की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि स्वामी दयानंद का पूरा जीवन समाज उत्थान, राष्ट्र जागरण और मानव कल्याण के लिए समर्पित रहा। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वामी दयानंद का तेजस्वी व्यक्तित्व और उनके प्रखर विचार देश और समाज को निरंतर नई प्रेरणा देते रहेंगे।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी महर्षि दयानंद सरस्वती को नमन करते हुए उन्हें सनातन परंपरा का महान प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा कि समानता, शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देकर स्वामी दयानंद ने समाज को प्रगतिशील दिशा दी। उन्होंने कहा कि समतामूलक समाज के निर्माण में उनका योगदान हमेशा प्रेरणादायक रहेगा।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी स्वामी दयानंद सरस्वती के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि औपनिवेशिक काल में स्वामी दयानंद ने भारतीय समाज को आत्मबोध की दिशा दिखाई। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों, अशिक्षा और भेदभाव के खिलाफ संगठित वैचारिक आंदोलन चलाया। आर्य समाज की स्थापना के माध्यम से उन्होंने वैदिक मूल्यों पर आधारित शिक्षित, समरस और सशक्त समाज की परिकल्पना प्रस्तुत की।
देश के विभिन्न हिस्सों में भी महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां उनके विचारों और कार्यों को याद किया गया। समाज सुधार, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान भारतीय इतिहास में सदैव महत्वपूर्ण माना जाएगा।
