सहरसा के पटेल मैदान में आयोजित होने वाले महायोगिनी मेले का बुधवार को विधिवत शुभारंभ हो गया। मेला 25 दिसंबर से 24 जनवरी तक एक माह तक चलेगा। उद्घाटन समारोह में प्रभारी जिलाधिकारी श्री निशांत कुमार ने दीप प्रज्वलित कर मेले का उद्घाटन किया।
महायोगिनी मेले में इस वर्ष श्रद्धा और मनोरंजन का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। मेले के प्रमुख आकर्षणों में वैष्णो देवी गुफा की भव्य प्रतिकृति, मौत का कुआं, सुनामी झूला, अजमेरी नौका झूला सहित कई आधुनिक और पारंपरिक मनोरंजन झूले शामिल हैं। इसके साथ ही देश के लगभग 15 राज्यों से आए व्यापारियों द्वारा लगाए गए मीना बाजार में विविध प्रकार की वस्तुएँ उपलब्ध हैं। मेले में विभिन्न राज्यों के स्वादिष्ट व्यंजनों की भी विशेष व्यवस्था की गई है, जो लोगों को आकर्षित कर रही है।
उद्घाटन अवसर पर प्रभारी जिलाधिकारी निशांत कुमार ने कहा कि इस वर्ष मेला बड़े प्रयासों के साथ पटेल मैदान जैसे खुले और विशाल स्थल पर आयोजित किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं और आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने बताया कि प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में महायोगिनी मेला सोनपुर मेले के स्तर तक विकसित हो। मेला पूरी तरह सुरक्षित, दुर्घटनारहित और स्वच्छ वातावरण में संपन्न हो, इसके लिए आयोजकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। स्वच्छता व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंपी गई है, जबकि सुरक्षा के लिए दंडाधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती की गई है।
वहीं मेला संचालक कुमार अमृत राज ने बताया कि इस वर्ष का महायोगिनी मेला पूर्व में आयोजित मत्स्यगंधा मेले की तुलना में कहीं अधिक भव्य और आकर्षक है। उन्होंने कहा कि मेले में वैष्णो देवी मंदिर की प्रतिकृति, भूल-भुलैया, सुनामी झूला, मौत का कुआं सहित अनेक आकर्षक झूले लगाए गए हैं। महिलाओं, बच्चों और परिवारों के लिए खरीदारी, खेलकूद और मनोरंजन की व्यापक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।
मेला संचालक के अनुसार, इस वर्ष मेले की डाक 96 लाख 51 हजार रुपये में हुई है और यह मेला पूरे एक महीने तक चलेगा। प्रशासन और आयोजकों को उम्मीद है कि महायोगिनी मेला शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सफलतापूर्वक संपन्न होगा।
