प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 128वीं कड़ी ने आज देश भर में एक बार फिर सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में इस कार्यक्रम को सुना और इसे प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि यह देश की सामूहिक चेतना का उत्सव बन गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बार ‘मन की बात’ में नेचर फार्मिंग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने खाद्यान्न उत्पादन में हुई रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी की भी प्रशंसा की, जिसे देश के किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में नेचर फार्मिंग की अपार संभावनाएं हैं और राज्य इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के खाद्यान्न उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान सराहनीय रहा है।
‘मन की बात’ में महिला खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन का भी जिक्र किया गया, जिसे प्रधानमंत्री ने देश के लिए गर्व का पल बताया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे नवाचारों और जनभागीदारी की सराहना करते हुए आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री ने संविधान दिवस, अयोध्या में राम मंदिर पर धर्मध्वजा आरोहण और कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में ‘पांचजन्य’ स्मारक के लोकार्पण जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों की जानकारी भी साझा की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने हैदराबाद में विश्व की सबसे बड़ी लीप इंजन MRO सुविधा के उद्घाटन और भारतीय नौसेना में INS ‘माहे’ के शामिल होने को भी भारत की प्रगति का प्रतीक बताया।
‘मन की बात’ में कुरुक्षेत्र में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का विशेष उल्लेख था, जिसमें यूरोप और सेंट्रल एशिया के कई देशों के लोगों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री ने सऊदी अरब में पहली बार सार्वजनिक मंच पर गीता के वाचन और लातविया में आयोजित गीता महोत्सव की भी सराहना की।
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से प्रधानमंत्री सांस्कृतिक, सामाजिक और राजनीतिक आयामों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ देशवासियों तक पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने की प्रेरणा देता है।
कुल मिलाकर, ‘मन की बात’ का यह संस्करण देश के विकास, संस्कृति और एकता को समर्पित था, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
