प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट ने यह साबित कर दिया है कि भविष्य में दुनिया किस दिशा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करेगी। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस समिट में कई देशों के नेता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, टेक कंपनियों के सीईओ, नवाचारकर्ता और स्टार्टअप क्षेत्र से जुड़े लोग एक साथ आए। प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्हें विश्व नेताओं और टेक कंपनियों के प्रमुखों से मिलने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि एआई समिट प्रदर्शनी में भारत की कई उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया, जिनमें अमूल का स्टॉल और सुश्रुत संहिता की प्रस्तुति विशेष रूप से विश्व नेताओं को प्रभावित कर गई। प्रधानमंत्री ने बताया कि अमूल के स्टॉल पर यह दिखाया गया कि किस प्रकार एआई की मदद से पशुओं के इलाज में सुधार हो रहा है और किसान 24×7 एआई सहायता से अपनी डेयरी और पशुधन की निगरानी कर पा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रदर्शनी में सुश्रुत संहिता के माध्यम से यह दर्शाया गया कि भारत किस तरह एआई की सहायता से प्राचीन ग्रंथों, ज्ञान और पांडुलिपियों को संरक्षित कर रहा है। पहले चरण में पांडुलिपियों की छवि गुणवत्ता सुधारकर उन्हें पढ़ने योग्य बनाया गया, फिर उसे मशीन रीडेबल टेक्स्ट में बदला गया। इसके बाद एआई अवतार ने उस पाठ को पढ़कर सुनाया और अंत में उसे भारतीय और विदेशी भाषाओं में अनुवादित करने की प्रक्रिया प्रदर्शित की गई। उन्होंने कहा कि विश्व नेताओं ने भारत के प्राचीन ज्ञान को आधुनिक तकनीक के माध्यम से जानने में गहरी रुचि दिखाई।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस समिट के दौरान भारत ने तीन ‘मेड इन इंडिया’ एआई मॉडल भी लॉन्च किए। उन्होंने इसे अब तक का सबसे बड़ा एआई समिट बताया और इसकी सफलता के लिए देशवासियों को बधाई दी।
टी-20 विश्व कप का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस प्रतियोगिता में भारतीय मूल के कई खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि कनाडा टीम में सबसे अधिक भारतीय मूल के खिलाड़ी हैं, जिनमें कप्तान दिलप्रीत बाजवा, नवनीत ढालीवाल, हर्ष ठाकर और श्रेयस मोवा जैसे नाम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी टीम में भी कई खिलाड़ी भारतीय घरेलू क्रिकेट से उभरे हैं, जिनमें कप्तान मोनांक पटेल, मुंबई के सौरभ, दिल्ली के हरमीत सिंह और मिलिंद कुमार शामिल हैं। ओमान, न्यूजीलैंड, यूएई और इटली की टीमों में भी भारतीय मूल के खिलाड़ी अपनी पहचान बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारतीयता की पहचान है कि भारतीय जहां भी जाते हैं, अपनी जड़ों से जुड़े रहते हैं।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने केरल की दस महीने की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम का जिक्र किया, जिनके माता-पिता ने उनके निधन के बाद अंगदान का निर्णय लिया। उन्होंने इस निर्णय को महान बताया और कहा कि इससे देश में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। उन्होंने दिल्ली की लक्ष्मी देवी, पश्चिम बंगाल के गौरांग बनर्जी और राजस्थान के रामदेव सिंह जैसे लोगों का उदाहरण भी दिया, जिन्होंने अंग प्रत्यारोपण के बाद नई उपलब्धियां हासिल कीं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि 23 फरवरी को राष्ट्रपति भवन में राजाजी उत्सव मनाया जाएगा, जिसमें सी. राजगोपालाचारी की प्रतिमा का अनावरण होगा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल राजगोपालाचारी ने सत्ता को सेवा का माध्यम माना। उन्होंने यह भी कहा कि अब राष्ट्रपति भवन में ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की प्रतिमा के स्थान पर राजाजी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
डिजिटल अरेस्ट और डिजिटल फ्रॉड पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवाईसी या री-केवाईसी केवल बैंक की अधिकृत माध्यमों से ही कराएं और किसी के साथ ओटीपी, आधार या बैंक विवरण साझा न करें। उन्होंने बताया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने हाल ही में वित्तीय साक्षरता सप्ताह आयोजित किया है और यह अभियान वर्षभर चलेगा।
किसानों की प्रगति पर गर्व व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अब किसान उत्पादन के साथ गुणवत्ता और मूल्यवर्धन पर भी ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने ओडिशा के किसान हीरोद पटेल का उदाहरण दिया, जिन्होंने तालाब के ऊपर जाली संरचना बनाकर सब्जियां उगाईं, आसपास फलदार पेड़ लगाए और मछली पालन भी शुरू किया। उन्होंने बताया कि आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक बन गया है और 150 मिलियन टन से अधिक उत्पादन कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्नाटक के नंजनगुड केले, मैसूर के पान और इंडी नींबू जैसे जीआई टैग उत्पाद अब विदेशों में निर्यात हो रहे हैं। उन्होंने केरल के तिरुनवाया में भरतपुझा नदी के किनारे आयोजित ममांगम परंपरा का भी उल्लेख किया, जिसे केरल कुंभ या महा मग्हा उत्सव भी कहा जाता है।
प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता को उनकी जयंती से पहले याद किया और कहा कि उन्होंने महिलाओं के कल्याण और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को तनावमुक्त रहने की सलाह दी और कहा कि अंक ही उनकी पहचान नहीं हैं। उन्होंने रमजान और होली की शुभकामनाएं देते हुए ‘वोकल फॉर लोकल’ का मंत्र दोहराया और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की।
