मंगल ग्रह के प्राचीन हिमयुग का खुलासा: कोलोए फोसी की नई तस्वीरों में बर्फीले प्रवाहों के स्पष्ट सबूत
जैसे-जैसे हम मंगल ग्रह के भूमध्य रेखा क्षेत्र से उत्तर की ओर बढ़ते हैं, हम कोलोए फोसी नामक क्षेत्र में पहुँचते हैं। यह इलाका लंबे, उथले खांचों, गहरे घाटियों, बिखरे हुए प्रभाव-गर्तों (क्रेटर्स) और सतह पर उकेरे उन पैटर्नों से भरा है, जो मंगल पर कभी आए प्राचीन हिमयुग की ओर संकेत करते हैं।
मंगल पर भी आए हैं हिमयुग
हिमयुग केवल पृथ्वी तक सीमित नहीं हैं। हमारी पृथ्वी ने पिछले 2.5 अरब वर्षों में कई हिमयुगों का अनुभव किया है। सबसे हाल का हिमयुग लगभग 20,000 वर्ष पहले चरम पर था, जिसमें वैश्विक तापमान आज की तुलना में लगभग 7–10°C कम था। ये प्राकृतिक हिमयुग मानव-जनित आधुनिक जलवायु परिवर्तन से अलग हैं और मुख्यतः सूर्य के चारों ओर ग्रहों की कक्षीय परिवर्तन और धुरी के झुकाव में बदलाव के कारण होते हैं।
ऐसे ही प्राकृतिक जलवायु चक्रों के प्रमाण मंगल ग्रह पर भी पाए गए हैं, और ESA के मंगल एक्सप्रेस यान पर लगे हाई रिज़ोल्यूशन स्टीरियो कैमरा (HRSC) की नई छवियाँ इस बात को और स्पष्ट करती हैं।
कोलोए फोसी: मंगल की धरती पर उकेरी प्राचीन बर्फ की कहानी
नई तस्वीरों में लंबे, लगभग समानांतर खांचे तिरछी दिशा में दिखाई देते हैं। इन्हें कोलोए फोसी कहा जाता है और ये तब बने जब सतह के विभिन्न हिस्से अलग-अलग दिशाओं में धँस गए। यहाँ कई प्रहार-गर्त भी देखे जा सकते हैं—कुछ बिल्कुल नए, कुछ घिसे हुए, कुछ दूसरे क्रेटरों से ओवरलैप होते हुए और कुछ आंशिक रूप से मिट्टी में दबे हुए।
घाटियों और क्रेटरों के तल पर दिखाई देने वाले घुमावदार और रेखीय पैटर्न बताते हैं कि कभी यहाँ बर्फीला पदार्थ धीरे-धीरे बहता हुआ फैला था। ये पैटर्न पृथ्वी जैसे ग्लेशियरों की तरह बने थे।
ग्लेशियरों की गतिविधि के प्रमाण
वैज्ञानिक इन बर्फीले पैटर्न को दो नामों से जानते हैं:
- लाइनिएटेड वैली फिल — घाटियों में पाए जाने वाले पैटर्न
- कॉनसेंट्रिक क्रेटर फिल — क्रेटरों के भीतर बनने वाले बर्फीले चिह्न
ये तब बने जब बर्फ और चट्टानों के मिश्रण ने सतह पर धीरे-धीरे आगे बढ़कर ग्लेशियर जैसी आकृति बनाई और बाद में यह बर्फ मोटी चट्टानी परत से ढक गई।
39° उत्तरी अक्षांश पर इतनी बर्फ कैसे पहुँची?
यह क्षेत्र मंगल के उत्तरी ध्रुव (90°N) से काफी दूर स्थित है। इसका स्पष्ट कारण मंगल पर आया पिछला हिमयुग है। उस समय मंगल के अक्षीय झुकाव में हुए बड़े बदलावों के कारण बर्फ ध्रुवों से बाहर फैलकर मध्यम अक्षांशों तक आ पहुँची थी।
जब जलवायु गर्म हुई, तो बर्फ पीछे हट गई लेकिन अपने चिह्न मिट्टी में छोड़ गई। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह क्षेत्र लगभग 5 लाख वर्ष पहले भी पूरी तरह बर्फ से ढका हुआ था—जो मंगल के सबसे हालिया हिमयुग का अंत माना जाता है।
मंगल के प्राचीन ग्लेशियरों का विस्तृत नक्शा
कोलोए फोसी और उसके आसपास के क्षेत्र को टोपोग्राफिक मानचित्रों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। मंगल का उत्तरी और दक्षिणी भूभाग कई हिस्सों में तीखी दो-किलोमीटर ऊँची ढलानों से अलग होता है, जबकि कुछ जगहों पर यह विभाजन चौड़ा व अत्यधिक क्षरित क्षेत्र—प्रोटोनिलस मेंसे—के रूप में दिखाई देता है।
इसी तरह के बर्फीले पैटर्न Acheron Fossae क्षेत्र में भी हाल ही की रिपोर्ट में देखे गए थे।
इन तस्वीरों को कैसे तैयार किया गया?
मंगल एक्सप्रेस पर लगा HRSC कैमरा जर्मन एयरोस्पेस सेंटर (DLR) द्वारा विकसित किया गया है। इसके डेटा का प्रोसेसिंग बर्लिन स्थित DLR के प्लैनेटरी रिसर्च इंस्टिट्यूट में हुआ। फ्री यूनिवर्सिटी ऑफ बर्लिन के प्लैनेटरी साइंस और रिमोट सेंसिंग समूह ने अंतिम छवियाँ तैयार कीं।
