मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अपने क्षेत्र में अनियोजित विकास और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत कड़ी कार्रवाई की है। जांच में सामने आया कि कई स्थानों पर बिना स्वीकृत ले-आउट, बिना भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) और बिना प्राधिकरण की अनुमति के कृषि व अन्य श्रेणी की भूमि पर अवैध रूप से प्लॉटिंग कर भू-खण्ड बेचे जा रहे थे।
प्राधिकरण ने पहले संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया और नियमानुसार संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब न मिलने पर अनधिकृत कॉलोनियों के विकास को रोकने और सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
MDDA की टीम ने घमंडपुर, रानीपोखरी (देहरादून) क्षेत्र में लगभग 15 से 20 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया। मौके पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के आंतरिक सड़कें बनाई जा रही थीं, भू-खण्डों का सीमांकन किया गया था और कॉलोनी विकसित करने की तैयारी चल रही थी। कार्रवाई के दौरान अवैध सड़कें, पिलर, सीमांकन और अन्य अस्थायी संरचनाएँ गिरा दी गईं।
इसी तरह, थानों क्षेत्र (देहरादून) में करीब सात बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी बुलडोजर चलाया गया। यहां बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के प्लॉट काटे जा रहे थे और आम जनता को बिक्री की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी थी। मौके पर मौजूद सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया।
MDDA के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत कॉलोनियों का विकास किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत ले-आउट, सीएलयू और प्राधिकरण अनुमति के प्लॉटिंग करना नियोजन नियमों का उल्लंघन होने के साथ ही आम लोगों के हितों के साथ गंभीर धोखा है।
उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी भू-खण्ड या संपत्ति को खरीदने से पहले उसकी वैधता अवश्य जांच लें। अवैध प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ ध्वस्तीकरण के साथ-साथ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। प्राधिकरण का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
