नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कई देशों के प्रमुख नेताओं के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, डिजिटल प्रौद्योगिकी, रक्षा, ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा देने पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने Prince Alois, लिकटेंस्टीन के वंशानुगत राजकुमार, के साथ बैठक की। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत और लिकटेंस्टीन के बीच द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की और व्यापार, निवेश तथा एआई, नवाचार और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई। यह सहयोग European Free Trade Association के साथ हुए भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में अपार संभावनाएं हैं, खासकर नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में।
समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने Peter Pellegrini, स्लोवाक गणराज्य के राष्ट्रपति, के साथ भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, डिजिटल टेक्नोलॉजी, रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा, संस्कृति और जन-से-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। साथ ही, भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते और 2030 के लिए संयुक्त व्यापक रणनीतिक एजेंडा को दोनों देशों के संबंधों में नई गति देने वाला बताया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति Anura Kumara Dissanayake के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान ऊर्जा, कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, संस्कृति और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में सहयोग के अवसरों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने हाल के वर्षों में भारत-श्रीलंका संबंधों की प्रगति की भी समीक्षा की।
इसी क्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री Navinchandra Ramgoolam के साथ बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत-मॉरीशस उन्नत रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग से दोनों देशों के लोगों की समृद्धि सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। विशेष आर्थिक पैकेज के तहत प्रगति की समीक्षा भी की गई। प्रधानमंत्री ने ‘विजन महासागर’ और ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति के तहत मॉरीशस के विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र में सुधारों, विशेषकर ग्लोबल साउथ को अधिक प्रतिनिधित्व देने के मुद्दे पर विचार साझा किए। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को समावेशी बनाने और इस दिशा में संयुक्त राष्ट्र की रचनात्मक भूमिका पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने बेहतर विश्व के निर्माण के लिए एआई के सकारात्मक उपयोग में भारत के समर्थन को दोहराया।
