नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम में मध्यप्रदेश के नवकरणीय ऊर्जा रोडमैप, हालिया परियोजना विकास और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की नीतियों को प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की निविदा और खरीद प्रक्रियाएँ विदेशी डेवलपर्स की भागीदारी के लिए अनुकूल हैं, जिससे ग्रीन एनर्जी-3000 जैसी वैश्विक कंपनियों के लिए मध्यप्रदेश में व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।
दावोस स्थित मध्यप्रदेश स्टेट लाउंज में मंत्री श्री शुक्ला ने जर्मनी की कंपनी ‘ग्रीन एनर्जी-3000’ के प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एलएलसी के प्रतिनिधियों के साथ नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर्स फेलिक्स रेंकर और एंड्रियास रेंकर उपस्थित रहे। उन्होंने मध्यप्रदेश की नवकरणीय परियोजनाओं की जानकारी ली और विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।
कंपनी ने स्वयं को एक एकीकृत नवकरणीय ऊर्जा डेवलपर बताते हुए ईपीसी (EPC), परियोजना वित्तपोषण और इक्विटी निवेश में अपनी विशेषज्ञता साझा की। साथ ही यूरोप, मध्य पूर्व और भारत में साझेदारों के माध्यम से संचालित अपनी वैश्विक परियोजनाओं और अनुभवों से अवगत कराया।
अपर मुख्य सचिव (नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा) मनु श्रीवास्तव ने ‘ग्रीन एनर्जी-3000’ को हाल ही में मध्यप्रदेश में संपन्न निविदाओं का विवरण साझा किया, जिससे भविष्य की निविदाओं में उनकी संभावित भागीदारी का मार्ग प्रशस्त हो सके। यह बैठक स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश को गति देने और वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है।
इसके अलावा, मंत्री राकेश शुक्ला ने जिनेवा स्थित ‘पीस इन्वेस्ट’ के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर यूसुफ मर्चेंट के साथ बैठक कर जल एवं ऊर्जा क्षेत्र में सतत विकास आधारित निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। पीस इन्वेस्ट ग्लोबल साउथ में प्रभावकारी निवेश के माध्यम से मानव-केंद्रित विकास को बढ़ावा देने का कार्य करता है।
मंत्री ने नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए जल और ऊर्जा आधारित सतत परियोजनाओं में निवेश के अवसरों की जानकारी दी और को-इन्वेस्टमेंट मॉडल के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा व जल प्रबंधन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर विचार किया।
बैठक में प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र सिंह और जनसंपर्क आयुक्त दीपक सक्सेना भी उपस्थित रहे। दोनों पक्षों ने जल एवं ऊर्जा क्षेत्र में सतत और प्रभाव-आधारित परियोजनाओं में सहयोग पर संवाद जारी रखने पर सहमति जताई।
