बिहार के मुंगेर पुलिस केंद्र में प्रतिबंधित नक्सली संगठन से जुड़े इनामी नक्सली सुरेश कोड़ा ने पुलिस अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उन्होंने पुलिस उपमहानिरीक्षक राकेश कुमार के समक्ष हथियारों के साथ सरेंडर किया।
पुलिस के अनुसार सुरेश कोड़ा ने आत्मसमर्पण के दौरान एक एके-47, एक एके-56, दो इंसास राइफल और 505 जिंदा कारतूस जमा कराए। इस मौके पर पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आत्मसमर्पण करने के बाद सुरेश कोड़ा का स्वागत कर उन्हें मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार सुरेश कोड़ा के खिलाफ हत्या, आगजनी और लूट सहित करीब 60 आपराधिक मामले दर्ज थे। उनके खिलाफ पहला मामला वर्ष 2008 में दर्ज हुआ था, जबकि आखिरी मामला जुलाई 2025 में दर्ज किया गया था।
डीआईजी राकेश कुमार ने कहा कि सुरेश कोड़ा के आत्मसमर्पण के बाद मुंगेर जिला पूरी तरह नक्सल प्रभाव से मुक्त हो गया है। उन्होंने दावा किया कि बिहार के सभी 23 नक्सल प्रभावित जिले अब नक्सल गतिविधियों से मुक्त हो चुके हैं।
जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर ने इसे बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि पुलिस और एसटीएफ के संयुक्त अभियान से यह उपलब्धि हासिल हुई है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत सुरेश कोड़ा को निर्धारित लाभ दिए जाएंगे। साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
सुरेश कोड़ा की पत्नी प्रमिला देवी ने कहा कि लंबे समय से परिवार कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था। आत्मसमर्पण के बाद अब परिवार सामान्य जीवन जीने की उम्मीद कर रहा है।
