अल्ज़ाइमर के इलाज में नई उम्मीद: दिमाग के एस्ट्रोसाइट्स प्राकृतिक रूप से अमायलॉइड प्लाक को साफ कर सकते हैं
Baylor College of Medicine के वैज्ञानिकों ने अल्ज़ाइमर रोग पर एक महत्वपूर्ण खोज की है। शोधकर्ताओं ने मस्तिष्क में एक प्राकृतिक सफाई प्रक्रिया की पहचान की है, जो अमायलॉइड प्लाक को हटाने और स्मृति व सोचने की क्षमता को संरक्षित रखने में मदद कर सकती है। यह प्रक्रिया एस्ट्रोसाइट्स नामक ताराकार कोशिकाओं पर आधारित है, जिन्हें सही ढंग से सक्रिय करके दिमाग में जमा जहरीले प्लाक को साफ किया जा सकता है। यह अध्ययन Nature Neuroscience में प्रकाशित हुआ है।
एस्ट्रोसाइट्स: दिमाग की सफाई करने वाली कोशिकाएँ
पहले लेखक डॉ. डोंग-जू चोई ने बताया कि एस्ट्रोसाइट्स दिमाग में संचार, स्मृति निर्माण और कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आवश्यक होते हैं। बढ़ती उम्र में एस्ट्रोसाइट्स के कामकाज में बदलाव आते हैं, लेकिन ये बदलाव अल्ज़ाइमर जैसी बीमारियों से कैसे जुड़े हैं, यह अब तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं था।
शोध में वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से Sox9 प्रोटीन पर ध्यान केंद्रित किया, जो एस्ट्रोसाइट्स के उम्र-संबंधी परिवर्तन को नियंत्रित करता है।
Sox9 का स्तर बढ़ाने से बढ़ी प्लाक हटाने की क्षमता
मुख्य शोधकर्ता डॉ. बेंजामिन डीनन ने बताया कि टीम ने Sox9 जीन के स्तर को बदलकर देखा कि इससे एस्ट्रोसाइट्स की कार्यक्षमता पर क्या प्रभाव पड़ता है, खासकर अल्ज़ाइमर के संदर्भ में।
अध्ययन के लिए जिस माउस मॉडल का उपयोग हुआ, उनमें पहले से ही स्मृति संबंधी समस्याएँ और अमायलॉइड प्लाक मौजूद थे। इसलिए यह मॉडल वास्तविक मरीजों की स्थिति से अधिक मेल खाता था।
छह महीने तक इन चूहों पर Sox9 को बढ़ाने और घटाने के प्रभावों का विश्लेषण किया गया। उनकी स्मृति और पहचान क्षमता को विभिन्न परीक्षणों से मापा गया और बाद में दिमाग की जांच की गई।
स्पष्ट परिणाम: Sox9 बढ़ने से प्लाक तेजी से साफ हुआ और स्मृति भी सुरक्षित रही
परिणाम बेहद महत्वपूर्ण थे:
- Sox9 कम होने पर
प्लाक तेजी से जमा हुआ, एस्ट्रोसाइट्स की संरचना कमजोर हुई और सफाई क्षमता घट गई। - Sox9 बढ़ाने पर
एस्ट्रोसाइट्स अधिक सक्रिय हुए, प्लाक को अधिक तेजी से निगला और दिमाग से हटाया।
इससे स्मृति और संज्ञानात्मक क्षमता बेहतर बनी रही।
डीनन के शब्दों में:
“Sox9 बढ़ाने से एस्ट्रोसाइट्स एक वैक्यूम क्लीनर की तरह प्लाक को साफ करने लगे।”
यह खोज बताती है कि केवल न्यूरॉन्स पर ध्यान देने की बजाय, दिमाग की सपोर्ट कोशिकाओं (एस्ट्रोसाइट्स) को मजबूत करना भी अल्ज़ाइमर के इलाज की दिशा में एक बड़ी छलांग हो सकती है।
भविष्य की दिशा: इंसानों में Sox9 कैसे काम करता है, समझने की जरूरत
शोधकर्ताओं का कहना है कि अभी यह जानना बाकी है कि मानव मस्तिष्क में Sox9 उम्र के साथ कैसे बदलता है। लेकिन यह अध्ययन इस दिशा में नई संभावनाएँ खोलता है कि भविष्य में ऐसी थेरेपी विकसित की जा सकती है, जो एस्ट्रोसाइट्स की प्राकृतिक सफाई क्षमता को बढ़ाए।
इस शोध में Baylor College of Medicine के कई वैज्ञानिकों का योगदान रहा और इसे अमेरिकी NIH तथा अन्य संस्थानों ने फंड किया।
