पटना के जिलाधिकारी के निर्देश पर बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन शाखा के तत्वावधान में ग्रामीण अंचलों और नगर क्षेत्रों में ठंड से राहत देने के लिए 107 सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। साथ ही 26 स्थानों पर रैन बसेरों/आश्रय घरों का संचालन किया जा रहा है, जहाँ अब तक लगभग 7,264 जरूरतमंद और बेघर लोग ठहर चुके हैं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे गरीबों और निःसहाय लोगों के बीच कंबल वितरण सुनिश्चित करें और अनुमंडल पदाधिकारियों सहित वरीय अधिकारियों द्वारा इन व्यवस्थाओं का नियमित अनुश्रवण किया जाए। प्रशासन का कहना है कि ठंड के इस मौसम में किसी भी व्यक्ति को खुले में रात्रि बिताने के लिए मजबूर न होना पड़े, इसके लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
रैन बसेरा के अनुसेवक जीतेन्द्र राय के अनुसार, प्रत्येक आश्रय गृह में लगभग 30 लोगों के सोने की व्यवस्था की गई है और शाम के समय भोजन की भी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इन रैन बसेरों का लाभ उठा रहे हैं, जिससे उन्हें कड़ाके की ठंड से राहत मिल रही है।
