प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गोवा में आयोजित श्री संस्थान गोकर्ण पर्तगली जीवोत्तम मठ की 550वीं वर्षगांठ के भव्य समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 550 वर्षों की यह आध्यात्मिक यात्रा न केवल इतिहास का गौरव है, बल्कि समाज को मार्गदर्शन देने वाली एक जीवंत शक्ति भी है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मठ ने सदियों के उतार–चढ़ाव, सांस्कृतिक चुनौती और सामाजिक परिवर्तन के बावजूद अपनी दिशा नहीं खोई, बल्कि पीढ़ी दर पीढ़ी समाज को स्थिरता, संतुलन और मूल्य प्रदान किए। उन्होंने कहा कि यह संस्था साधना, सेवा और लोककल्याण—इन तीनों को जोड़ने वाली विरासत का प्रतीक है।
550 वर्षों से समाज को आध्यात्मिक शक्ति देने वाली परंपरा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मठ की स्थापना जिस भावना से हुई थी—साधना को सेवा से जोड़ने की—वह आज भी उतनी ही मजबूत है। उन्होंने कहा कि यह मठ 1475 में श्रीमद नारायण तीर्थ स्वामीजी द्वारा स्थापित किया गया था और इसकी आध्यात्मिक धारा जगद्गुरु श्री माधवाचार्य की अद्वितीय वेदांत परंपरा से जुड़ी है।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि यह मठ वर्षों से कठिन परिस्थितियों में भी समाज को संभालने और संरक्षण देने की भूमिका निभाता रहा है, चाहे भाषा-संस्कृति पर दबाव रहा हो या सामाजिक चुनौतियाँ।
भव्य श्रीराम प्रतिमा और रामायण थीम पार्क का उद्घाटन
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर भगवान श्री राम की 77 फीट ऊँची कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही मठ द्वारा निर्मित रामायण थीम पार्क गार्डन का भी उद्घाटन किया गया।
उन्होंने कहा कि यह मठ अब आधुनिक तकनीक और आध्यात्मिक विरासत के संगम का केंद्र बन रहा है। यहाँ बनने वाला संग्रहालय और 3-डी थिएटर आने वाली पीढ़ियों को इस विविध धरोहर से जोड़ने का माध्यम होंगे।
सांस्कृतिक पुनर्जागरण पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज एक अद्भुत सांस्कृतिक पुनर्जागरण का साक्षी है।
उन्होंने उदाहरण दिए—
- अयोध्या में राम मंदिर,
- काशी विश्वनाथ धाम का भव्य पुनर्विकास,
- उज्जैन में महाकाल महालोक का विस्तार,
उन्होंने कहा कि यह भारत की आध्यात्मिक शक्ति का पुनरुत्थान है, जो देश को नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ा रहा है।
देशहित के लिए प्रधानमंत्री की 9 अपीलें
प्रधानमंत्री मोदी ने मठ और देशवासियों के लिए 9 प्रमुख संकल्प रखने की अपील की—
- जल संरक्षण और नदियों की रक्षा
- पौधारोपण—माँ के नाम एक पेड़
- स्वच्छता और स्वच्छ शहर
- स्वदेशी और Vocal for Local
- देश दर्शन—भारत के विभिन्न हिस्सों को जानना
- प्राकृतिक खेती को अपनाना
- स्वस्थ जीवनशैली और ‘श्री अन्न’ का उपयोग
- योग और खेल को जीवन का हिस्सा बनाना
- गरीबों की सहायता में योगदान
उन्होंने कहा कि ये संकल्प एक विकसित भारत के निर्माण के मार्गदर्शक हैं।
गोवा: सांस्कृतिक और आधुनिक विकास का संतुलित उदाहरण
प्रधानमंत्री ने कहा कि गोवा न केवल सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है बल्कि विकास में भी अग्रणी है—
- उच्च प्रति व्यक्ति आय
- पर्यटन, फार्मा और सेवाओं का बढ़ता विस्तार
- शिक्षा और स्वास्थ्य में नई उपलब्धियाँ
- आधुनिक बुनियादी ढाँचा—हवाई अड्डा, राजमार्ग, रेल संपर्क
उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत की दृष्टि में गोवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
समारोह में प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति
इस अवसर पर गोवा के राज्यपाल श्री पुष्पपति अशोक गजपति राजू,
मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत,
केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक,
और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
समारोह के दौरान स्मारक सिक्का और विशेष डाक टिकट भी जारी किए गए।
