प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से 14 वर्ष की आयु तक की बालिकाओं के लिए राष्ट्रव्यापी ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम करना है, जो महिलाओं में कैंसर से जुड़ी गंभीर बीमारियों के प्रमुख कारणों में शामिल है।
अभियान की औपचारिक शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा पांच बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगवाकर की गई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार हमेशा महिलाओं की छोटी से छोटी समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देती रही है और यह टीकाकरण अभियान उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर की बेटियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि अजमेर से शुरू हुआ एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान देश की नारी शक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम पहल साबित होगा।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण लखनऊ, वाराणसी, बलरामपुर सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों में देखा गया, जहां लोगों ने इस अभियान के महत्व को समझते हुए इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम बताया।
इस मौके पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर एक गंभीर बीमारी है और इसकी रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण अत्यंत जरूरी है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पहल को ‘स्वस्थ भारत–सशक्त भारत’ के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक और युगांतरकारी प्रयास बताया।
सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक बालिकाओं को इस टीकाकरण अभियान से जोड़ा जाए, ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में कमी लाई जा सके और महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर बनाया जा सके।
