प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मलेशिया पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। कुआलालंपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत और मलेशिया के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और जन-से-जन संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रवासी समुदाय दोनों देशों के दिलों को जोड़ने वाला जीवंत सेतु है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ अपनी पुरानी मित्रता को याद करते हुए कहा कि वर्ष 2024 में भारत और मलेशिया ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि अब दोनों देश एक-दूसरे की सफलता का जश्न मनाते हुए साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में मलेशिया में 100 से अधिक भारतीय आईटी कंपनियां कार्य कर रही हैं, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी घोषणा की कि भारत की डिजिटल पेमेंट प्रणाली यूपीआई (UPI) को जल्द ही मलेशिया में लॉन्च किया जाएगा, जिससे दोनों देशों के बीच डिजिटल और आर्थिक सहयोग और मजबूत होगा।
प्रवासी भारतीयों के लिए शुरू की गई नई पहलों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड की सुविधा अब छठी पीढ़ी तक बढ़ा दी गई है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि भारत में पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए तिरुवल्लुवर स्कॉलरशिप शुरू की जाएगी और मलेशिया में भारत का नया वाणिज्य दूतावास भी खोला जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि वे समृद्ध मलेशिया और विकसित भारत के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रवासी दोनों देशों के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास में अहम योगदान दे रहे हैं।
अपने इस दौरे के दौरान भारत और मलेशिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की व्यापक समीक्षा की जाएगी। खास तौर पर 2024 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी बनने के बाद लिए गए फैसलों के क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। मलेशिया, भारत की एक्ट ईस्ट नीति के तहत एक महत्वपूर्ण साझेदार देश है, जिससे इस दौरे का रणनीतिक महत्व और बढ़ जाता है।
