पीएम मोदी ने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री J. Jayalalithaa की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया और उनके व्यक्तित्व व नेतृत्व की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि जयललिता का जीवन साहस, दृढ़ इच्छाशक्ति और जनसेवा के प्रति समर्पण का अद्भुत उदाहरण था।
सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि वे जयललिता जी को उनकी जयंती पर स्मरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक करिश्माई नेता और कुशल प्रशासक के रूप में जयललिता ने अनगिनत लोगों के दिलों और दिमाग में विशेष स्थान बनाया। उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने हर चुनौती का सामना दृढ़ निश्चय के साथ किया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री के रूप में जयललिता ने महिला सशक्तीकरण, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी। उन्होंने कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक शासन की पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया। वे एक ओर दयालु थीं तो दूसरी ओर निर्णय लेने में बेहद दृढ़। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके साथ हुई बातचीत को वे आज भी स्नेहपूर्वक याद करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम Mann Ki Baat में कही गई बातों का उल्लेख करते हुए कहा कि अम्मा जयललिता के प्रति तमिलनाडु के लोगों का स्नेह आज भी उतना ही गहरा है। उन्होंने कहा कि जब भी वे तमिलनाडु के दौरे पर जाते हैं, लोगों के चेहरे पर जयललिता का नाम सुनते ही विशेष चमक दिखाई देती है। विशेष रूप से महिलाओं के बीच उनका गहरा जुड़ाव था, क्योंकि उन्होंने माताओं, बहनों और बेटियों के सशक्तीकरण के लिए अनेक सराहनीय पहल की थीं।
प्रधानमंत्री ने अपने मुख्यमंत्री काल की यादें साझा करते हुए बताया कि जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब जयललिता के साथ उनकी गुड गवर्नेंस जैसे विषयों पर अक्सर चर्चा होती थी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पोंगल के अवसर पर जयललिता ने उन्हें दोपहर के भोजन पर आमंत्रित किया था।
उन्होंने कहा कि जयललिता के साथ हुई हर मुलाकात और संवाद आज भी उनके मन में ताजा है। वे वर्ष 2002 और 2012 में गुजरात में हुए उनके शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुई थीं। दोनों नेताओं के बीच प्रशासनिक सुधार और बेहतर शासन व्यवस्था जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होता रहता था।
वहीं केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah ने भी एक्स पर पोस्ट कर जयललिता को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि गरीबों के कल्याण और महिलाओं के सशक्तीकरण के प्रति उनके समर्पण ने तमिलनाडु के विकास को नई दिशा दी। उन्होंने सुनिश्चित किया कि शासन का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। जनता की सेवा के प्रति उनका समर्पण सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
जयललिता का राजनीतिक जीवन तमिलनाडु की राजनीति में एक मजबूत और निर्णायक नेतृत्व का प्रतीक माना जाता है। उनकी नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं ने राज्य की सामाजिक और आर्थिक संरचना पर गहरा प्रभाव छोड़ा है।
