प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में आयोजित विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के द्वितीय वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा शिखर सम्मेलन के समापन समारोह में भाग लेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री सम्मेलन में उपस्थित प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे और आयुष क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ करेंगे।
प्रधानमंत्री ‘माय आयुष इंटीग्रेटेड सर्विसेज पोर्टल’ का लोकार्पण करेंगे, जो आयुष क्षेत्र के लिए एक मास्टर डिजिटल पोर्टल के रूप में कार्य करेगा। इसके साथ ही वह ‘आयुष मार्क’ का अनावरण भी करेंगे, जिसे आयुष उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता के लिए एक वैश्विक मानक के रूप में विकसित किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी योग प्रशिक्षण पर आधारित WHO की तकनीकी रिपोर्ट और From Roots to Global Reach: 11 Years of Transformation in AYUSH पुस्तक का विमोचन करेंगे। इसके अलावा, वह अश्वगंधा पर आधारित एक स्मारक डाक टिकट भी जारी करेंगे, जो भारत की पारंपरिक औषधीय विरासत की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री वर्ष 2021 से 2025 के लिए योग के प्रचार और विकास में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रधानमंत्री पुरस्कारों से सम्मानित करेंगे। ये पुरस्कार योग को संतुलन, स्वास्थ्य और सामंजस्य की एक कालातीत साधना के रूप में स्थापित करते हैं और एक स्वस्थ व सशक्त नए भारत के निर्माण में इसके योगदान को रेखांकित करते हैं।
प्रधानमंत्री पारंपरिक चिकित्सा डिस्कवरी स्पेस का भी भ्रमण करेंगे। यह प्रदर्शनी भारत और दुनिया भर की पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान प्रणालियों की विविधता, गहराई और आधुनिक प्रासंगिकता को प्रदर्शित करती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन और आयुष मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह शिखर सम्मेलन 17 से 19 तारीख तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन की थीम “Restoring Balance: The Science and Practice of Health and Well-being” रखी गई है।
इस शिखर सम्मेलन में वैश्विक नेताओं, नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों, चिकित्सकों, स्वदेशी ज्ञान धारकों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इन चर्चाओं में समान, टिकाऊ और साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य प्रणालियों को आगे बढ़ाने पर गहन मंथन किया गया।
