दरभंगा के सी.एम. लॉ कॉलेज परिसर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई), भारत सरकार के निर्देशानुसार पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए दो दिवसीय प्रदर्शनी सह व्यापार मेले का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन उप विकास आयुक्त स्वप्निल, एमएसएमई विकास कार्यालय मुजफ्फरपुर के निदेशक आर. के. चौधरी तथा सहायक निदेशक अंबुरी शालेमु राजुलू सहित अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक आर. के. चौधरी ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कार्यरत पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को तकनीकी, आर्थिक और विपणन के क्षेत्र में सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों को प्रशिक्षण, टूल-किट और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे अपने कार्य को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ा सकें।
इस योजना के अंतर्गत बढ़ई, सुनार, गुड़िया और खिलौना निर्माता, नाव निर्माता, कुम्हार, मछली पकड़ने के जाल बनाने वाले, मालाकार, लोहार, मूर्तिकार, धोबी, राजमिस्त्री, मोची, नाई, दर्जी, ताला बनाने वाले, अस्त्रकार, टूल किट निर्माता तथा टोकरी, चटाई और झाड़ू बनाने वाले बुनकर सहित कुल 18 प्रकार के पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों को शामिल किया गया है। योजना के तहत लाभार्थियों को 15 हजार रुपये तक की टूल-किट प्रदान की जाती है और साथ ही कुल 3 लाख रुपये तक का ऋण (पहले चरण में 1 लाख और दूसरे चरण में 2 लाख रुपये) मात्र 5 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है।
प्रदर्शनी के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने लाभार्थियों को योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। साथ ही उन्हें डिजिटल भुगतान प्रणाली, बाजार विस्तार, उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे GeM और ONDC के उपयोग, सरकारी खरीद नीतियों, निर्यात प्रोत्साहन तथा बिहार सरकार की औद्योगिक नीतियों के बारे में भी जागरूक किया गया।
इस प्रदर्शनी और व्यापार मेले के माध्यम से कारीगरों और शिल्पकारों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और विपणन का अवसर मिला, जिससे उनके रोजगार और आय बढ़ाने के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
