प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल शाम ओमान की राजधानी मस्कट पहुंचे। यह उनका तीन देशों के दौरे का अंतिम चरण है। इससे पहले वह जॉर्डन और इथियोपिया की सफल यात्राएं पूरी कर चुके हैं। मस्कट हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत ओमान के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मामलों के प्रभारी सैयद शिहाब बिन तारिक अल सईद ने किया। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच भारत–ओमान सहयोग को विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत करने और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई।

प्रधानमंत्री मोदी ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक के निमंत्रण पर इस मित्र राष्ट्र की यात्रा पर पहुंचे हैं। आज प्रधानमंत्री की सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ द्विपक्षीय वार्ता होगी। इस दौरान भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जो एक मुक्त व्यापार समझौता होगा। इस समझौते पर भारत की ओर से केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ओमान की ओर से वाणिज्य, उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री क़ैस अल यूसुफ़ हस्ताक्षर करेंगे। यह समारोह सुल्तान हैथम बिन तारिक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में संपन्न होगा।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ओमान भारत के साथ गहरी ऐतिहासिक जड़ों और स्थायी मित्रता की भूमि है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसरों की खोज करने और साझेदारी को नई ऊर्जा देने का अवसर प्रदान करती है।
मस्कट में होटल पहुंचने पर प्रधानमंत्री का भारतीय समुदाय के सदस्यों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। बच्चों ने ओमानी पारंपरिक नृत्य के साथ-साथ भारतीय शास्त्रीय नृत्य कुचिपुड़ी और कथक, राजस्थान का घूमर और कर्नाटक का लोकनृत्य यक्षगान सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इस दौरान भारतीय समुदाय के लोगों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारों से माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया।
अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सुल्तान के महल में मुलाकात के अलावा दोनों देशों के व्यापारिक नेताओं को संबोधित करेंगे और एक व्यापार मंच में हिस्सा लेंगे। वह ओमान में रह रहे भारतीय छात्रों और समुदाय के सदस्यों से भी संवाद करेंगे। उल्लेखनीय है कि ओमान में पढ़ाई कर रहे कई भारतीय छात्र तनाव कम करने के लिए प्रधानमंत्री के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ को भी नियमित रूप से सुनते हैं।
यह यात्रा विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसी वर्ष भारत और ओमान अपने राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। यह दौरा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों को और अधिक मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
