रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज शाम 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुँचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पर स्वयं उपस्थित होकर राष्ट्रपति पुतिन का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह दौरा दोनों देशों के बीच गहरे और ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राष्ट्रपति पुतिन को कल सुबह राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत समारोह दिया जाएगा। इसके बाद वे राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच कल हैदराबाद हाउस में औपचारिक वार्ता होगी, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
दोनों देशों के बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, संस्कृति और मीडिया सहित कई क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी रूसी राष्ट्रपति का स्वागत करेंगी और उनके सम्मान में भोज का आयोजन करेंगी।
यह दौरा भारत-रूस संबंधों की प्रगति की समीक्षा करने और भविष्य के लिए नई रणनीतिक दिशा तय करने का अवसर प्रदान करता है। भारत और रूस पिछले कई वर्षों से संयुक्त राष्ट्र (UN), जी-20, ब्रिक्स (BRICS) और एससीओ (SCO) जैसे बहुपक्षीय मंचों पर घनिष्ठ सहयोग करते आए हैं। 2023 में भारत की G20 और SCO अध्यक्षता तथा 2024 में रूस की BRICS अध्यक्षता के दौरान दोनों देशों ने एक-दूसरे का सक्रिय समर्थन किया है।
रूस लगातार भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यता के लिए समर्थन देता रहा है। पिछले 78 वर्षों से भारत-रूस के संबंध स्थिरता और विश्वास के मजबूत आधार पर खड़े हैं। सैन्य, परमाणु और अंतरिक्ष सहयोग के पारंपरिक क्षेत्रों के अलावा दोनों देश बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था और व्यापक वैश्विक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए समान दृष्टिकोण साझा करते हैं।
यह दौरा इस “विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
