पंजाब के संगरूर जिले के गांव महलां चौक निवासी भारतीय सेना के जवान गुरप्रीत सिंह मणिपुर में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, वे मणिपुर में तैनात थे और देश विरोधी तत्वों के साथ हुई मुठभेड़ में बहादुरी से मुकाबला करते हुए उन्होंने अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
शहीद गुरप्रीत सिंह पिछले 21 वर्षों से भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे थे। उनकी शहादत की खबर मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वे अपने पीछे पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गए हैं।
परिवार से संवेदना व्यक्त करने पहुंचे नंबरदार यूनियन पंजाब के नेता रण सिंह महलां ने राज्य सरकार से मांग की है कि शहीद के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि शहीद की स्मृति में गांव में एक उपयुक्त स्मारक का निर्माण कराया जाए।
बताया जा रहा है कि शहीद गुरप्रीत सिंह का अंतिम संस्कार कल गांव महलां में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। अंतिम संस्कार में सेना के अधिकारी और क्षेत्र की प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी।
