वर्षों से बंद पड़ी गोपालगंज की सासामुसा शुगर मिल को दोबारा चालू करने की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं। शुक्रवार को बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव सेंथिल और कर्नाटक की प्रमुख औद्योगिक कंपनी निरानी ग्रुप के चेयरमैन दुर्गेश निरानी हेलीकॉप्टर से गोपालगंज पहुंचे और मिल परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरे के बाद क्षेत्र में मिल के पुनः संचालन की उम्मीदें एक बार फिर मजबूत हो गई हैं।
निरीक्षण के दौरान दुर्गेश निरानी ने बताया कि उनकी कंपनी कर्नाटक स्थित है और वर्तमान में देशभर में दस चीनी मिलों का संचालन कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी भारत की दूसरी सबसे बड़ी गन्ना उत्पादक कंपनी मानी जाती है। उन्होंने जानकारी दी कि इससे पहले उनकी टीम सीतामढ़ी स्थित बंद रीगा चीनी मिल को चालू करने की प्रक्रिया पर काम कर रही थी और अब सासामुसा शुगर मिल की संभावनाओं का आकलन करने आई है।
दुर्गेश निरानी ने बताया कि फिलहाल मिल की तकनीकी और संरचनात्मक स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के बाद कंपनी के अधिकारियों, बिहार सरकार के संबंधित मंत्री और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें मिल को दोबारा शुरू करने की रणनीति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सासामुसा शुगर मिल लगभग 40 से 45 एकड़ क्षेत्र में फैली हुई है, जिसमें कुछ भूमि लीज पर भी शामिल है। भविष्य की योजना के तहत मिल में केवल गन्ने से चीनी उत्पादन ही नहीं होगा, बल्कि चावल और मक्का किसानों के बायोप्रोडक्ट भी खरीदे जाएंगे और उनका प्रसंस्करण किया जाएगा। इससे क्षेत्र के अन्य किसानों को भी आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। हालांकि उन्होंने कहा कि इस विस्तारित योजना के लिए 45 एकड़ भूमि पर्याप्त नहीं होगी और अतिरिक्त जमीन को लेकर सरकार से आगे बातचीत की जाएगी।
बिहार सरकार के अपर मुख्य सचिव सेंथिल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान मिल की स्थिति के साथ-साथ किसानों और मजदूरों के बकाया भुगतान से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा की गई है। उन्होंने संकेत दिया कि राज्य सरकार इस मामले में जल्द ही कोई निर्णायक फैसला ले सकती है।
इस निरीक्षण और संभावित निवेश योजना के बाद गोपालगंज की बंद सासामुसा शुगर मिल के पुनः संचालन की उम्मीदें फिर से बढ़ गई हैं, जिससे स्थानीय किसानों, मजदूरों और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।
