देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक State Bank of India (एसबीआई) ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सिंडिकेटेड सोशल टर्म लोन सुविधा शुरू करने की घोषणा की है। इस विशेष वित्तीय सुविधा में ग्रीनशू विकल्प भी शामिल है और इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने से जुड़े प्रयासों को मजबूती देना है।
एसबीआई द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि यह सिंडिकेटेड लेन-देन न केवल बैंक के लिए बल्कि वैश्विक Environmental, Social and Governance (ESG) वित्तीय ढांचे के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह पहल महिला सशक्तिकरण के महान उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है और इसका लक्ष्य सामाजिक प्रभाव को तेज गति से आगे बढ़ाना है।
बैंक ने कहा कि यह वित्तीय व्यवस्था समाज में लैंगिक असमानता को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही यह संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के अंतर्गत लक्ष्य संख्या 5 — लैंगिक समानता हासिल करना और सभी महिलाओं तथा लड़कियों को सशक्त बनाना — को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। इस पहल के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक अवसरों और विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
एसबीआई के चेयरमैन C. S. Setty ने अपने बयान में कहा कि यह ऐतिहासिक सोशल लोन एसबीआई की ईएसजी सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के लिए नए अवसर पैदा करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
उन्होंने आगे कहा कि बैंक का मानना है कि वास्तविक प्रगति केवल आर्थिक विकास से ही संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन लाना भी जरूरी है। समाज में महिलाओं को सशक्त बनाना और सभी हितधारकों के लिए एक समावेशी समाज का निर्माण करना ही सतत और संतुलित विकास की कुंजी है।
एसबीआई का मानना है कि इस तरह की सामाजिक वित्तीय पहलों के माध्यम से महिलाओं को शिक्षा, उद्यमिता और आर्थिक गतिविधियों में अधिक भागीदारी का अवसर मिलेगा। इससे न केवल महिलाओं की स्थिति मजबूत होगी बल्कि देश के समग्र आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
