अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा ने दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों को बड़ी राहत दी है, जिसके चलते बुधवार को शेयर बाजार में जोरदार रौनक देखने को मिली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होरमुज़ जलडमरूमध्य को सुरक्षित खोलने की शर्त पर बमबारी रोकने के प्रस्ताव और ईरान की ओर से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया ने वैश्विक स्तर पर घबराहट को कम कर दिया है। इस भू-राजनीतिक सुधार के कारण सेंसेक्स इंट्राडे के दौरान 3.71 प्रतिशत यानी 2,775 अंकों की विशाल बढ़त के साथ 77,392 के स्तर पर जा पहुंचा, जबकि निफ्टी भी 3.52 प्रतिशत या 815 अंकों की छलांग लगाकर 23,938 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
बाजार में आई इस रिकवरी का असर हर सेक्टर पर पड़ा और सभी सूचकांक हरे निशान में नजर आए। विशेष रूप से रियल एस्टेट, ऑटो, बैंकिंग और फार्मा सेक्टर के शेयरों में 6 प्रतिशत तक की जबरदस्त लिवाली देखी गई। कैटेगरी के लिहाज से स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स टॉप गेनर्स रहे, जबकि लार्जकैप शेयरों में भी अच्छा सुधार दर्ज किया गया। बाजार में कम होती बेचैनी का सबसे बड़ा प्रमाण इंडिया VIX में आई 19 प्रतिशत की भारी गिरावट रही। इसके साथ ही कच्चे तेल के बाजार में बड़ी राहत मिली और ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 15.91 प्रतिशत गिरकर 91.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
वैश्विक मोर्चे पर एशियाई बाजारों में भी जबरदस्त तेजी का रुख रहा, जहां जापान का निक्केई 5.60 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6.36 प्रतिशत तक उछल गया। हालांकि अमेरिकी बाजार वॉल स्ट्रीट लगभग सपाट बंद हुए थे, लेकिन युद्धविराम की इस ताजा खबर ने बुधवार को भारतीय बाजार की दिशा बदल दी। अब निवेशकों और ट्रेडर्स की निगाहें दिन में आने वाले भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के फैसले पर टिकी हैं। संस्थागत निवेशकों की बात करें तो मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने बाजार से पैसा निकाला था, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों द्वारा की गई भारी खरीदारी ने बाजार को गिरने से बचा लिया और अब युद्धविराम ने बाजार को नई ऊंचाई दे दी है।
