अमेरिका में अफोर्डेबल केयर एक्ट (ACA), जिसे ओबामाकेयर भी कहा जाता है, की बढ़ी हुई प्रीमियम टैक्स क्रेडिट सब्सिडी 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गईं। ये सब्सिडी 2021 में अमेरिकन रेस्क्यू प्लान एक्ट के तहत शुरू की गई थीं और इन्फ्लेशन रिडक्शन एक्ट द्वारा 2025 तक बढ़ाई गई थीं। इनकी समाप्ति से 1 जनवरी 2026 से स्वास्थ्य बीमा मार्केटप्लेस पर कवरेज लेने वाले करोड़ों अमेरिकियों के प्रीमियम में भारी वृद्धि हो रही है।
मुख्य प्रभाव:
- प्रीमियम में वृद्धि: KFF (Kaiser Family Foundation) के अनुसार, सब्सिडी प्राप्त करने वाले 20 मिलियन से अधिक enrollees के लिए औसत वार्षिक प्रीमियम भुगतान 2025 के $888 से बढ़कर 2026 में $1,904 हो जाएगा, यानी लगभग 114% की वृद्धि।
- लाखों लोग प्रभावित: लगभग 22 मिलियन लोग इन बढ़ी हुई सब्सिडी पर निर्भर थे। अब कई लोगों का प्रीमियम दोगुना या उससे अधिक हो सकता है। उदाहरण के लिए, मध्यम आय वाले परिवारों के लिए मासिक प्रीमियम सैकड़ों या हजारों डॉलर बढ़ सकता है।
- कवरेज छोड़ने का खतरा: विशेषज्ञों का अनुमान है कि 4 से 5 मिलियन लोग कवरेज छोड़ सकते हैं, क्योंकि प्रीमियम अब आय का बड़ा हिस्सा बन जाएगा। इससे uninsured लोगों की संख्या बढ़ेगी और स्वास्थ्य असमानता गहराएगी।
- उच्च आय वाले सबसे अधिक प्रभावित: पहले सब्सिडी की कोई आय सीमा नहीं थी, लेकिन अब 400% फेडरल पॉवर्टी लेवल (एकल व्यक्ति के लिए लगभग $62,600) से ऊपर वाले सब्सिडी नहीं पाएंगे। कम आय वालों को भी पूरी सब्सिडी नहीं मिलेगी, जैसे पहले जीरो प्रीमियम वाले अब भुगतान करेंगे।
- राज्यों पर प्रभाव: फ्लोरिडा, टेक्सास जैसे राज्यों में सबसे अधिक enrollees हैं, वहाँ प्रभाव बड़ा होगा। कुछ राज्य जैसे कैलिफोर्निया अतिरिक्त राज्य सब्सिडी दे रहे हैं, लेकिन सभी में नहीं।
कारण और पृष्ठभूमि:
ये सब्सिडी कोविड महामारी के दौरान शुरू की गई थीं ताकि स्वास्थ्य बीमा सस्ता रहे। इन्होंने रिकॉर्ड 24 मिलियन enrollees तक पहुँचाया। कांग्रेस में डेमोक्रेट्स इन्हें बढ़ाने चाहते थे, लेकिन रिपब्लिकन्स के विरोध और राजनीतिक गतिरोध (सरकारी शटडाउन सहित) से ये समाप्त हो गईं। अब 2026 में कांग्रेस रेट्रोएक्टिव एक्सटेंशन पर विचार कर सकती है, लेकिन अनिश्चितता बनी हुई है।
यह बदलाव अस्पतालों पर भी बोझ डालेगा, क्योंकि uninsured मरीजों की संख्या बढ़ने से अनपेड केयर बढ़ेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि इससे स्वास्थ्य प्रणाली पर लंबे समय तक असर पड़ेगा। प्रभावित लोग मार्केटप्लेस पर सस्ते प्लान चुन सकते हैं या अन्य विकल्प देख सकते हैं, लेकिन कई के लिए कवरेज बनाए रखना मुश्किल होगा।
