एक 47 वर्षों तक चलने वाले स्वीडिश अध्ययन में यह पता चला है कि फिटनेस और मांसपेशियों की ताकत 35 वर्ष की उम्र से ही धीरे-धीरे घटने लगती है। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि वयस्क उम्र में व्यायाम शुरू करने से शारीरिक क्षमता बढ़ाई जा सकती है और इस गिरावट की गति को धीमा किया जा सकता है।
स्वीडन के करोलिंस्का इंस्टिट्यूट में किए गए इस लंबे समय तक चलने वाले अध्ययन ने 16 से 63 वर्ष की आयु के कई सौ पुरुषों और महिलाओं को 47 वर्षों तक फॉलो किया। यह शोध Swedish Physical Activity and Fitness study (SPAF) का हिस्सा है और इसका उद्देश्य वयस्कों में फिटनेस, ताकत और मांसपेशियों की सहनशक्ति कैसे बदलती है, इसका दीर्घकालिक विश्लेषण करना था।
अध्ययन के अनुसार, 35 वर्ष की उम्र से शारीरिक प्रदर्शन में गिरावट शुरू हो जाती है, चाहे व्यक्ति पहले कितनी भी नियमित रूप से व्यायाम करता रहा हो। उम्र बढ़ने के साथ यह गिरावट धीरे-धीरे तेज होती जाती है।
लेकिन शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि वयस्क अवस्था में शारीरिक रूप से सक्रिय होने वाले प्रतिभागियों में शारीरिक क्षमता में 5-10 प्रतिशत की वृद्धि हुई। अध्ययन की मुख्य लेखिका मारिया वेस्टरस्ट्रॉहल ने कहा, “किसी भी उम्र में सक्रिय होना कभी देर नहीं होती। हमारा अध्ययन दिखाता है कि शारीरिक गतिविधि प्रदर्शन की गिरावट को धीमा कर सकती है, भले ही इसे पूरी तरह रोक न सके।”
अगले साल, प्रतिभागियों का पुन: परीक्षण किया जाएगा जब वे 68 वर्ष के होंगे। शोध टीम का उद्देश्य यह समझना है कि शारीरिक प्रदर्शन में बदलाव का संबंध जीवनशैली, समग्र स्वास्थ्य और जैविक प्रक्रियाओं से कैसे है।
क्रेडिट्स: सोलना, स्वीडन मेडिकल स्कूल
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