15 फरवरी 1932 को Tarapur थाना भवन पर तिरंगा फहराने के दौरान बलिदान देने वाले 34 अमर स्वतंत्रता सेनानियों की गाथा अब स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल की जाएगी। यह घोषणा Samrat Choudhary ने तारापुर शहीद दिवस के अवसर पर आयोजित राजकीय समारोह में की।
उन्होंने कहा कि स्वाधीनता संग्राम के दौरान Jallianwala Bagh हत्याकांड के बाद तारापुर की घटना सबसे बड़ी शहादतों में से एक थी, जिसमें 34 स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राणों की आहुति दी। अब राज्य के बच्चे इन वीरों के त्याग और बलिदान के बारे में पुस्तकों के माध्यम से जान सकेंगे।
उपमुख्यमंत्री ने विकास योजनाओं की घोषणा करते हुए बताया कि तारापुर में छह करोड़ रुपये की लागत से बस स्टैंड का निर्माण कराया जाएगा, जिसकी निविदा प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा असरगंज, हवेली खड़गपुर और संग्रामपुर में भी बस स्टैंड बनाए जाएंगे। तारापुर बाजार के विकास के लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है तथा यहां मार्केट यार्ड का निर्माण किया जाएगा, जिससे किसानों और सब्जी विक्रेताओं को सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि तेलडीहा मंदिर क्षेत्र का विकास किया जाएगा तथा कांवरिया पथ के आसपास आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगा। साथ ही खड़गपुर, टेटिया बंबर और असरगंज क्षेत्र में जलापूर्ति सुनिश्चित करने, सड़क सुविधाओं के विस्तार, बाईपास और फोरलेन निर्माण की दिशा में भी कार्य किया जाएगा। उद्योग स्थापना के लिए सस्ती जमीन उपलब्ध कराने और कुटीर उद्योगों के विकास पर भी जोर दिया गया है।
इस अवसर पर Munger के डीआईजी राकेश कुमार ने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र वातावरण में अपने विचार व्यक्त कर पा रहे हैं, वह शहीदों की कुर्बानी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सच्ची श्रद्धांजलि केवल पुष्प अर्पित करने से नहीं, बल्कि अपने दायित्वों का ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करने से होगी।
मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीणीकर ने युवाओं से देशभक्ति को अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन और ईमानदारी के साथ निभाने का आह्वान किया। उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में मुंगेर और तारापुर क्षेत्र में कई विकास योजनाएं धरातल पर दिखाई देंगी।
तारापुर शहीद दिवस राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धा और गरिमा के वातावरण में मनाया गया। तारापुर शहीद स्मारक पर उपमुख्यमंत्री ने 34 अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की और 100 फीट ऊंचे तिरंगे को रिमोट के माध्यम से फहराया। समारोह में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे।
