ब्रिटेन और फ्रांस ने एक संयुक्त सैन्य अभियान में सीरिया के अंदर इस्लामिक स्टेट (दाएश) के एक संदिग्ध भूमिगत हथियार भंडार पर बमबारी की है। ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में किसी भी नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा और सभी विमान सुरक्षित लौट आए।
सीरिया में दाएश आतंकी संगठन फिर से सक्रिय होने की कोशिश कर रहा है, जिसने 2019 तक देश के बड़े हिस्सों पर कब्जा जमाया हुआ था। इस पुनरुत्थान को रोकने के लिए ब्रिटेन ने फ्रांस के साथ मिलकर यह कार्रवाई की।
रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि रॉयल एयर फोर्स के विमान मार्च 2019 में दाएश की सैन्य हार के बाद से सीरिया के ऊपर गश्त जारी रखे हुए हैं ताकि आतंकी समूह के किसी भी संभावित पुनरुत्थान को रोका जा सके। सावधानीपूर्वक खुफिया विश्लेषण से पलमायरा के प्राचीन स्थल से कुछ मील उत्तर में पहाड़ों में एक भूमिगत ठिकाने की पहचान हुई, जहां दाएश का कब्जा था और इसका उपयोग हथियारों तथा विस्फोटकों को जमा करने के लिए किया जा रहा था। इस ठिकाने के आसपास कोई नागरिक बस्ती नहीं है।
रॉयल एयर फोर्स के टाइफून एफजीआर4 लड़ाकू जेट्स ने फ्रांसीसी विमानों के साथ मिलकर 3 जनवरी की शाम को इस भूमिगत ठिकाने पर हमला किया। विमानों ने ठिकाने तक पहुंचने वाली कई सुरंगों को निशाना बनाने के लिए पेववे-4 गाइडेड बमों का इस्तेमाल किया। मंत्रालय ने कहा कि प्रारंभिक संकेतों से पता चलता है कि हमला सफल रहा।
रक्षा मंत्रालय ने एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें विमानों को वॉयेजर एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर से ईंधन लेते दिखाया गया है।
रक्षा सचिव जॉन हीली ने कहा, “यह कार्रवाई ब्रिटेन के नेतृत्व और अपने सहयोगियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने की हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है, ताकि मध्य पूर्व में दाएश और उसकी खतरनाक एवं हिंसक विचारधारा के पुनरुत्थान को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। मैं इस अभियान में शामिल सभी सैन्यकर्मियों को उनकी कुशलता और साहस के लिए धन्यवाद देता हूं।”
उन्होंने आगे कहा कि ये जवान क्रिसमस और नए साल के दौरान तैनात हजारों ब्रिटिश सैनिकों में से थे। यह कार्रवाई दिखाती है कि हमारी सेना साल भर तैयार रहती है और ब्रिटेन को घरेलू स्तर पर सुरक्षित तथा विदेश में मजबूत बनाए रखती है।
